प्रतिदिन 110 टन ऑक्सीजन का उत्पादन कर कोरोना मरीजों को संजीवनी दे रहा है कोप्पल

स्वास्थ्य सेवाओं में हो रहा उपयोग : विजयपुर, कोप्पल, बल्लारी, गदग, हावेरी, सिंधनूर तक प्रतिदिन ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है।

By: MAGAN DARMOLA

Published: 04 May 2021, 10:13 PM IST

कोप्पल. राज्य में अब ऑक्सीजन इमरजेंसी के हालात हैं। चामराजनगर तथा कलबुर्गी में ऑक्सीजन की कमी से संक्रमितों की मृत्यु हुई है। इस इमरजेंसी के दौरान भी कोप्पल जिला समेत आसपास के जिलों में ऑक्सीजन की किल्लत होने की अशंका जताई जा रही है। इसी बीच कोप्पल जिले से प्रतिदिन 110 टन ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा रहा है। यहां उत्पादन हो रहे ऑक्सीजन को अब स्वास्थ्य विभाग को दिया जा रहा है।

पूर्व में यहां उत्पादन होने वाले ऑक्सीजन में अधिकतर कारखानों के लिए इस्तेमाल होता था परन्तु पिछले कई दिनों से पूरी तरह स्वास्थ्य सेवा के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। कोप्पल के गिणगेरा औद्योगिक क्षेत्र के पास एमएसपीएल, प्रॉक्सरी, कल्याणी कारखानों में तरल ऑक्सीजन का उत्पदान होता है। रेणुका ऑक्सीजन कम्पनी में ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है।

गदग की एक ऑक्सीजन कंपनी कई वर्षों से कुछ कारखानों में तरल ऑक्सीजन को गौस के रूप में तैयार कर सिलेंडर तथा कंटेनरों में भेज रही है। यहां से पूर्व में प्रति माह 2500 क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन जाता था। इसमें 70 प्रतिशत उद्योगों के लिए इस्तेमाल होता था तो बकाया 30 प्रतिशत अस्पतालों को दिया जाता था। हालही में उद्योगों को यहां से आक्ॅसीजन आपूर्ति रोकने के निर्देश देने से प्रतिदिन 600 सिलेंडर तथा 20 कंटेनरों में ऑक्सीजन आपूर्ति की जा रही है।

यहां की ऑक्सीजन उत्पादन इकाइ से विजयपुर, कोप्पल, बल्लारी, गदग, हावेरी, सिंधनूर तक प्रतिदिन ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। पिछले एक सप्ताह से ऑक्सीजन की मांग बढ़ गई है। मांग के हिसाब से ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए इकाई के श्रमिक मेहनत कर रहे हैं। उत्तर कर्नाटक भाग में ऑक्सीजन इकाइयां अधिक पैमाने पर ऑक्सीजन का उत्पादन कर रही हैं। इसके चलते फिलहाल कमी नहीं है परन्तु ऑक्सीजन आपूर्ति वाहनों की कमी है। कोप्पल जिला बड़े पैमाने पर ऑक्सीजन का उत्पादन कर संक्रमितों के लिए संजीवनी बना हुआ है। कोप्पल जिले में कुल दस कोविड अस्पताल हैं, प्रतिदिन चार से दस टन ऑक्सीजन की जरूरत है।

जिला स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिला अस्पताल में छह टन ऑक्सीजन संग्रह इकाई है। बकाया जगहों पर जम्बो सिलेंडर हैं। इनसे जरूरत के हिसाब से ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। जिले में ऑक्सीजन आपूर्ति, मांग के बारे में निगराने के लिए अधिकारियों का दल गठित किया गया है। यह दल प्रतिदिन निगरानी कर रहा है।

COVID-19
MAGAN DARMOLA
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned