स्वप्रेरणा से प्लास्टिक का करें त्याग

स्वप्रेरणा से प्लास्टिक का करें त्याग
स्वप्रेरणा से प्लास्टिक का करें त्याग

Zakir Pattankudi | Publish: Sep, 23 2019 08:34:38 PM (IST) Hubli, Dharwad, Karnataka, India

स्वप्रेरणा से प्लास्टिक का करें त्याग
-जिलाधिकारी दीपा ने किया प्लास्टिकमुक्त शहर अभियान का आगाज
हुब्बल्ली

स्वप्रेरणा से प्लास्टिक का करें त्याग
हुब्बल्ली
जिलाधिकारी दीपा चोळन ने कहा है कि प्लास्टिक से पर्यावरण पर पड़ रहे दुष्परिणामों की समझ हर एक में है। प्लास्टिक इस्तेमाल की आदत को स्वप्रेरणा से त्यागने के जरिए पर्यावरण पर पड़ रहे दुष्प्रभाव को रोकना चाहिए।
जिलाधिकारी चोळन, सोमवार को हुब्बल्ली तालुक प्रशासन की ओर से आयोजित प्लास्टिक मुक्त हुब्बल्ली शहर अभियान जागरूकता कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में बोल रहीं थी।

जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में श्रमदान

उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में देश भर में प्लास्टिक मुक्त अभियान का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन करेंगे। सरकार के निर्देशानुसार धारवाड़ जिले में भी जन जागरुकता फैलाई जा रही है। इस दिशा में धारवाड़ शहर में चित्र संते (चित्र बाजार) का आयोजन किया गया है। हुब्बल्ली शहर में महानगर निगम की ओर से मैराथन, जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में श्रमदान आयोजित किया जाएगा।

मौत का कारण बना प्लास्टिक

उन्होंने कहा कि प्लास्टिक इस्तेमाल के नुकसान के बारे में सोशन मीडिया तथा मीडिया में कई प्रकार की जानकारियां प्रतिदिन देखते हैं। प्रतिबंधित प्लास्टिक नदी, सागर समेत सभी पानी के स्रोतों में शामिल होगर दूषित कर रहा है। इससे जलचर समाप्ति के कगार पर हैं। मवेशी प्लास्टिक कैरी बैग को आहार समझ कर सेवन कर तकलीफ झेल रहे हैं। पालतू जानवर तथा जंगली प्राणियों के लिए प्लास्टिक मौत का कारण बन गया है। बाढ़ के दौरान प्लास्टिक कचरा हमारे घर द्वार आकर जमा होते हमने देखा है।

कपड़े की थैलियों का इस्तेमाल करें

जिलाधिकारी दीपा ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। प्लास्टिक से तैयार एक बार इस्तेमाल कर फेंकने वाली पानी की बोतल, भोजन के प्लेट, स्पून के इस्तेमाल को पूरी तरह बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। मल्टी लेवल पॉली प्रोपाइलीन से तैयार चिप्स कवर, बिस्कुट कवर, स्ट्रॉ मिट्टी में गल कर नहीं घुलते हैं। यह हजारों वर्ष ऐसे ही रहते हैं। और पुन: इस्तेमाल के लिए आने वाले प्लास्टिक के टुकड़े कर इस्तेमाल किया जाता है। कई वर्ष पूर्व लोग कपड़े की थैलियों को ही इस्तेमाल करते थे परन्तु अब इनके बजाए प्लास्टिक कैरी बैग इस्तेमाल करते हैं। पुरानी पद्धति पर्यावरण स्नेही थी।

पर्यावरण को अधिक नुकसान

उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जबरन कानूनी कार्रवाई का इस्तेमाल कर प्लास्टिक प्रतिबंध लगाने पर मजबूर नहीं करके स्वप्रेरणा से लोगों को ही इस्तेमाल करना बंद करना चाहिए। बेंगलूरु की तरह हुब्बल्ली-धारवाड़ शहर में प्लास्टिक इस्तेमाल का पैमाना नहीं है। वहां पर्यावरण को अधिक नुकसान हुआ है।

प्रतिबंधित प्लास्टिक उत्पादकों पर जुर्माना

पत्रकारों से बातचीत करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण मंडल तथा महानगर निगम की ओर से प्रतिबंधित प्लास्टिक की बिक्री करने वालों तथा यह सामग्री तैयार करने वालों पर जुर्माना लगाया जा रहा है। प्लास्टिक इस्तेमाल बंद करेंगे तो उत्पादक अपने उत्पाद को बंद करते हैं। घरों में भी प्लास्टिक इस्तेमाल को छोड़कर सभी के लिए आदर्श बनना चाहिए। लोगों को इस बारे में जानकारी दी जाएगी।

कपड़े की थैलियों का वितरण

उन्होंने कहा कि मिनी विधान सौधा में 2 अक्टूबर तक कार्यालय आने वाले लोगों से प्लास्टिक कैरी बैग प्राप्त कर इसके बदले कपड़े की थैली वितरित की जाएगी। तहसीलदार शशिधर माड्याल ने प्रास्ताविक भाषण में कहा कि प्लास्टिक से पर्यावरण प्रदूषित कर रहे हैं। इसे रोकना चाहिए। हानिकारक प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद करने की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर आईएएस प्रोबेशनरी आकृति बनसल, ग्रामीण तहसीलदार संगप्पा बाडगी, प्रकाश नासी समेत विभिन्न विभागों के कार्यालय प्रमुख, कर्मचारी उपस्थित थे।

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