अलौकिक पुरुष थे आचार्य तुलसी

अलौकिक पुरुष थे आचार्य तुलसी

By: S F Munshi

Published: 03 Jul 2021, 12:02 AM IST

अलौकिक पुरुष थे आचार्य तुलसी
-साध्वी पद्मावती ने कहा
कोप्पल
साध्वी पद्मावती ने कहा कि आचार्य तुलसी अलौकिक पुरुष थे। उनका व्यक्तित्व व कर्तृत्व आदर्श था। वे आचार्य तुलसी की 25वीं पुण्यतिथि एवं उत्तर कर्नाटक की बैठक के अवसर पर प्रवचन सभा को संबोधित कर रही थीं।
साध्वी ने कहा कि आचार्य तुलसी कुशल प्रवचनकार, कुशल कलाकार एवं कुशल सृजनकार थे। उनकी प्रवचन शैली अद्भुत थी। संघ के शुभ भविष्य के लिए उन्होंने तीन-तीन महान पुरुषों को तैयार किया। उन्होंने कहा कि आचार्य महाप्रज्ञ, आचार्य महाश्रमण एवं साध्वी कनकप्रभा की साहित्य यात्रा विशाल रही है। कार्यक्रम की शुरुआत चिराग जीरावला, राशि चौपड़ा, दिशा, भवी जीरावला के मंगलाचरण से हुआ। साध्वी मयंकप्रभा ने कहा कि पुरुष तीन प्रकार के होते हैं। आत्मदृष्टा, युगदृष्टा, भविष्य दृष्टा होते हैं।
आचार्य तुलसी इन तीनों की समान्विति थे। साध्वी मेरुप्रभा व साध्वी दक्षप्रभा ने मधुर गीतिका प्रस्तुत की।
उत्तर कर्नाटक के नूतन अध्यक्ष जयंतीलाल चौपड़ा ने संगठन को कैसे मजबूत करें इस विषय पर विचार रखे। अतिथियों का स्वागत कोप्पल अध्यक्ष पारसमल जीरावला ने किया। इस अवसर पर मंत्री दिनेश कुमार संचेती, युवक परिषद के अध्यक्ष महावीर बागरेचा, रमेश संचेती सहित कईयों ने विचार व्यक्त किए। कोप्पल महिला मंडल एवं कन्यामंडल ने मिलकर आचार्य तुलसी के साहित्य सृजन के बारे में रोचक नाटिका का मंचन किया। कार्यक्रम का संचालन साध्वी गवेषणाश्री ने किया। इस वर्ष वर्र्षीतप करने वाली श्राविका कविता प्रमोदकुमार जीरावला का सम्मान किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत स्वर्गीय सुखराज के पुत्र भंवरलाल जीरावला व उनकी पत्नी पुष्पाबाई जीरावला, सभाध्यक्ष पारसमल व विमलाबाई जीरावला ने आजीवन शीलवत का प्रत्यख्यान किया। अंत में युवक परिषद के मंत्री ललित जीरावला ने आभार व्यक्त किया।

S F Munshi Reporting
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