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कोरोना के बाद कल्याण कर्नाटक में सरकारी स्कूलों की बढ़ी मांग

कोरोना के बाद कल्याण कर्नाटक में सरकारी स्कूलों की बढ़ी मांग
-पहले लोग सरकारी स्कूल का नाम सुनते ही मुंह फेर लेते थे
हुब्बल्ली

हुबली

Published: November 02, 2021 07:48:21 pm

कोरोना के बाद कल्याण कर्नाटक में सरकारी स्कूलों की बढ़ी मांग
हुब्बल्ली
सरकारी स्कूल का नाम सुनते ही मुंह फेर लेने वाले अनेक अभिभावक अब अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में प्रवेश दिलाने लगे हैं।
कल्याण कर्नाटक में पहली बार सरकारी स्कूलों की मांग बढ़ी है। कल्याण कर्नाटक के सात जिलों में पिछले दो वर्षों में सरकारी प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों में बच्चों के दाखिले अत्यधिक बढ़ गए हैं। इसके जरिए सरकारी स्कूल गरीब बच्चों के लिए नई उम्मीद बने हैं।
संस्थाओं की चिंता बढ़ी
शिक्षा विभाग के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2020-21 से वर्ष 2021-22 के शैक्षणिक वर्ष में अनुदान रहित निजी स्कूलों में विद्यार्थियों के प्रवेश में थोड़ी कमी हुई है। इससे इन संस्थाओं की चिंता बढ़ी है। कल्याण कर्नाटक के कलबुर्गी, बीदर, यादगिरी, रायचूर, बल्लारी, कोप्पल तथा विजयनगर जिलों में पांच वर्षों के डाटा के मुताबिक पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 87,836 विद्यार्थी बढ़े हैं। पिछले वर्ष 11 हजार विद्यार्थी बढ़े थे। अनुदानित निजी स्कूलों में प्रवेश कम नहीं हुआ है बल्कि पिछले वर्ष से थोड़ा बढ़ा है।
रोजगार के अवसर घटे
कोविड के बाद अभिभावक सरकारी स्कूल के बारे में अधिक रुझान दिखा रहे हैं। गरीबों को निजी स्कूलों का शुल्क का भुगतान करना संभव नहीं होने के हालात हैं। आर्थिक समस्या के चलते उन्होंने सरकारी स्कूलों की ओर रुख किया है। रोजगार के अवसर घटने से आय पर भी मार पड़ी है।
सरकारी स्कूलों में भर्ती कराया
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राशि की उपलब्धता घटने से बच्चों के प्रवेश के लिए सरकारी स्कूल ही बेहतर की मानसिकता अभिभावकों में नजर आ रही है। रोजगार की तलाश में मुंबई, पुणे, हैदराबाद आदि जगह बच्चों के साथ रोजगार की तलाश में पलायन पर गए अभिभावक अब गांव लौटे हैं। उन्होंने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भर्ती कराया है। यह भी सरकारी स्कूलों में प्रवेश में बढ़ोत्तरी का कारण है।
प्रवेश प्रक्रिया नियमित रहेगी
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी स्कूलों के बारे में स्थित सोच बदली है। 30 सितंबर को प्रवेश प्रक्रिया पूरी हुई है परन्तु प्रवेश प्रक्रिया नियमित रहेगी। तबादला होकर आए कर्मचारियों के लिए प्रवेश सदा रहेगा। सरकारी स्कूलों में प्रवेश प्राप्त करने पर मध्याह्न भोजन, यूनिफार्म, जूते, सॉक्स समेत कई सुविधाएं ने अभिभावकों को आकर्षित किया है।
कोरोना के बाद कल्याण कर्नाटक में सरकारी स्कूलों की बढ़ी मांग
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