कई दिनों से हो रही अच्छी बारिश से बढ़ी कप्पगुड्डा की सुंदरता

कप्पतगुड्डा की हरियाली, अपनी सहज सुंदरता से पर्यावरण प्रेमियों तथा पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। मुंडरगी तथा शिरहट्टी तालुक के विभिन्न कॉलेज के विद्यार्थी तथा संगठनों के कार्यकर्ता बारिश के दिनों में कप्पतगुड्डा में विभिन्न प्रकार के बीज डाल रहे हैं। कप्पतगुड्डा के वन क्षेत्र का विकास हो रहा है।

By: MAGAN DARMOLA

Published: 18 Jun 2021, 06:49 PM IST

मुंडरगी. जिले के गदग, शिरहट्टी तथा मुंडरगी तालुक में बड़े पैमाने पर फैले कप्पतगुड्डा वन क्षेत्र में बीते कई दिन से अच्छी बारिश हो रही है। कप्पतगुड्डा की हरियाली, अपनी सहज सुंदरता से पर्यावरण प्रेमियों तथा पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। घास की क्यारियों और झाड़ियों में नए अंकुर निकले हैं। वन क्षेत्र को विकसित करने तथा वन क्षेत्र के दायरे को बढ़ाने की दिशा में वन विभाग की ओर से कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मुंडरगी तथा शिरहट्टी तालुक के विभिन्न कॉलेज के विद्यार्थी तथा संगठनों के कार्यकर्ता बारिश के दिनों में कप्पतगुड्डा में विभिन्न प्रकार के बीज डाल रहे हैं। कप्पतगुड्डा के वन क्षेत्र का विकास हो रहा है।

कप्पतगुड्डा जोन में हर साल बेल, इमली, बांस, पीपल, बबूल सहित कई पौधे लगाए जा रहे हैं। गर्मी के दिनों में पहाड़ों पर आग न लगे इस दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इन दिनों सरकार की ओर से कप्पतगुड्डा को संरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया है। साथ ही इस साल जागरूकता अभियान चलाए जाने की वजह से वन संपत्ति का विनाश काफी हद तक कम हुआ है।

संसाधनों की खान

कप्पतगुड्डा जिले के दक्षिण उत्तर दिशा में 33 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है। इसे उत्तर कर्नाटक की सह्याद्री के नाम में भी जाना जाता है। इस वन क्षेत्र में अश्वगंधा सहित दुर्लभ औषधीय पौधे, जैसे, सीताफल, अनानास, देवराली, अमृतपल्ली इसी प्रकार कई अन्य औषधीय गुणों से युक्त पेड़ पौधे हैं। कप्पगुड्डा तेंदुओं, हरिण, जंगली ***** जैसे विभिन्न जंगली जानवरों का निवास स्थान है। सोना, चांदी लौह खनिज संपत्ति भी इन वन क्षेत्र में छुपी है।

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