बोम्माई ने की सोनिया गांधी व देवेगौड़ा की आलोचना

बोम्माई ने की सोनिया गांधी व देवेगौड़ा की आलोचना
बोम्माई ने की सोनिया गांधी व देवेगौड़ा की आलोचना

Zakir Pattankudi | Publish: Sep, 23 2019 08:03:54 PM (IST) | Updated: Sep, 23 2019 08:03:55 PM (IST) Hubli, Dharwad, Karnataka, India

बोम्माई ने की सोनिया गांधी व देवेगौड़ा की आलोचना
-पी. चिदम्बरम से जेल में मुलाकात पर कसा तंजा
हुब्बल्ली

बोम्माई ने की सोनिया गांधी व देवेगौड़ा की आलोचना
हुब्बल्ली
राज्य के गृहमंत्री बसवराज बोम्माई ने कहा है कि तिहाड़ जेल में बंद पूर्व मंत्री पी. चिदंबरम से कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी का मुलाकात करना उनकी नैतिक समझदारी पर सवालिया निशान लगाता है।
कलबुर्गी में सोमवार को नागनहल्ली पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय के गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में बोम्माई ने कहा कि जेल जाने वाले व्यक्ति से मुलाकात करने का अधिकार सभी को है। ऐसा अधिकार सोनिया गांधी को भी है परन्तु पी. चिदम्बरम गम्भीर आर्थिक मामले में आरोपी हैं, इसे जानने के बाद भी उनसे मुलाकात करना सोनिया गांधी की नैतिक स्थिति कैसी है इसे दर्शाता है।

देवेगौड़ा हताश होकर बयानबाजी कर रहे हैं

बाढ़ राहत राशि देने में केंद्र सरकार पर दबाव बनाने में विफल हुए मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा, जहां भी जा रहे हैं लोगों से चंदा संग्रह कर रहा है कह कर पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की ओर से की गई निंदा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बोम्माई ने कहा कि राजनीतिक तौर पर पूरी तरह पिछड़ चुके देवेगौड़ा हताश होकर बयानबाजी कर रहे हैं। उल्लाल शूटआउट मामले में बोम्माई ने कहा कि दोषियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जांच प्रगति पर है।

शीघ्र भरेंगे पुलिसकर्मियों के पद

बोम्माई ने कहा कि आगामी दो माह में 16 हजार पुलिस कान्सटेबल तथा 650 पीएसआई पदों की नियुक्ति की जाएगी। औरादकर समिति की रिपोर्ट लागू करने के मुद्दे पर कोई उलझन नहीं है। राज्य वित्त आयोग तथा गृह विभाग के बीच कुछ आंकड़ों के बारे में स्पष्टता नहीं है। रिपोर्ट में जेलर्स तथा फायर फाइटर्स शामिल नहीं थे। दोनों विभागों से दो चरण की चर्चा के बाद उन्हें भी रिपोर्ट के दायरे में लाया गया है। इसके चलते दी-तीन दिन में अधिसूचना जारी होगी।

आगामी दिनों में फैसला लिया जाएगा

बोम्माई ने कहा कि अयोग्य विधायकों की सुनवाई उच्चतम न्यायालय में चल रही है। यहां संवैधानिक तथा राजनीतिक उलझन है। इस उलझन के समाधान के लिए सभी इंतजार कर रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष के फैसले के अनुसार अयोग्य विधायक उपचुनाव नहीं लड़ सकते। याचिका की सुनवाई से पहले ही चुनाव की घोषणा की गई है। कानूनी प्रक्रिया क्या होगी इंतजार करना पड़ेगा। अयोग्य विधायकों के क्षेत्र में किसे टिकट देने चाहिए इस बारे में आगामी दिनों में फैसला लिया जाएगा। पार्टी आलाकमान सब कुछ देखेगा।

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