जेएनयू में छात्रों पर हुए हमले की निंदा

जेएनयू में छात्रों पर हुए हमले की निंदा
-एआईडीएसओ ने किया प्रदर्शन
धारवाड़

By: S F Munshi

Published: 06 Jan 2020, 07:57 PM IST

जेएनयू में छात्रों पर हुए हमले की निंदा
धारवाड़
जेएनयू में विद्यार्थियों तथा शिक्षकों पर नकाबपोशों की ओर से जुनलेवा हमला करने की निंदा कर सोमवार को धारवाड़ के विवेकानंद सर्कल में एआईडीएसओ के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर एआईडीएसओ के जिला सचिव रणजीत धूपद ने कहा कि बड़ी संख्या में जेएनयू में घुसे नकाबपोशों ने लोहे की सलाखें तथा लाठियों से विद्यार्थियों तथा शिक्षकों पर जानलेवा हमला किया। उन्होंने छात्राओं को भी नहीं छोड़ा। उनसे भी बेरहमी से मारपीठ की। जेएनयू शुल्क वृद्धि का विरोध करने वाले विद्यार्थियों को निशाना बनाकर बुरी तरह पिटाई कर दी। इस हमले में जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष समेत कई विद्यार्थी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। गंभीर रूप से घायल विद्यार्थियों को अस्पताल में भर्ती कराया है।
एआईडीएसओ के महा सचिव सौरव घोष ने कहा कि हमलावरों ने शिक्षकों पर भी जानलेवा हमला किया। इसमें कई शिक्षक बुरी तरह घायल हुए हैं। एक प्राध्यापक के सिर पर चोट लगने के कारण उसे एम्स में भर्ती किया गया है। खुद को संस्कृति के रक्षक कहने वाले नकाबपोश हमलावरों ने जेएनयू हास्टेल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। मौके पर ही मौजूद पुलिस चुपचाप खड़े देखती रही और हमलावरों को शय दी जो शर्मनाक है। भारी सुरक्षा के बावजूद जेएनयू गेटों से अंदर घुसे नकाबपोशों के हाथों में हथियार थे। इसको देखा जाए तो साफ पता चल रहा है कि यहां पर होने वाली मारपीठ के लिए जेएनयू प्रशासन से भी समर्थन मिल रहा है।
घोष ने कहा कि सभी बाधाओं को पार कर पिछले दो माह से चल रहे शुल्क वृद्धि के खिलाफ आंदोलन किए जा रहे विरोध में सांप्रदायिक ताकतों का हमला तथा प्रशासनिक वर्ग के गैर जिम्मेदारी को दर्शाता है। शुल्क वृद्धि विरोधी आंदोलन को गुमराह करने तथा विद्यार्थियों में भय फैलाने के लिए यह हमले की साजिश रची गई है। आंदोलनकारी विद्यार्थियों तथा शिक्षकों को समर्थन व्यक्त करते हुए देश के छात्र संघ तथा सभी लोगों को खड़े होने की आवश्यकता है। इन हमलों का सामना करने के लिए हम सबको एकजुट होना चाहिए। ऐसे अमानवीय गतिविधियों को शय देने वाले प्रशासन के खिलाफ जन आंदोलन करना चाहिए। दोषियों को सजा होनी चाहिए। वृद्धि किए गए शुल्क को तुरंत वापस लेना चाहिए।
प्रदर्शन में एआईडीएसओ जिला अध्यक्ष महांतेश बी., सह सचिव शशिकला मेटी, कार्यकारी समिति के सदस्य सिंधु कौदी, सहना, महांतेश बीलूरु, बसनगौड़ा, करेप्पा, अशोक, अक्षता, मंजु तथा विविध कालेजों के विद्यार्थियों ने भाग लिया।

S F Munshi Reporting
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