विश्व की सबसे ऊंची हनुमान प्रतिमा का निर्माण हंपी के बाहरी क्षेत्र में

विश्व की सबसे ऊंची हनुमान प्रतिमा का निर्माण हंपी के बाहरी क्षेत्र में

By: S F Munshi

Published: 20 Nov 2020, 12:38 PM IST

विश्व की सबसे ऊंची हनुमान प्रतिमा का निर्माण हंपी के बाहरी क्षेत्र में
बल्लारी
जिले के हंपी के बाहरी क्षेत्र में आसमान से बातें करती विश्व की सबसे ऊंची हनुमान की प्रतिमा का निर्माण होने जा रहा है। (रामजन्मभूमि) उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित हनुमान जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वामी गोविंद आनंद सरस्वती ने इस बाबत बात की। सोमवार को अयोध्या के रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष गोविंद आनंद सरस्वती से मिलने के बाद उन्होंने इस बात का खुलासा किया।
कर्नाटक के बल्लारी में स्थित पंपापुर में 215 मीटर ऊंची हनुमान की प्रतिमा का निर्माण करने की योजना है। इस पर 1 हजार 200 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है। श्रध्दालुओं का विश्वास है कि ह?पी के पंपापुर ही रामायण का किष्किंधा है। हनुमान का जन्म इसी किष्किंधा में हुआ था। ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वामी गोविंद ने जानकारी दी कि हनुमान की प्रतिमा स्थापित करने के लिए धन संग्रह करने की जिम्मेदारी सबसे बड़ी है। इसके लिए हनुमान जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट संस्थान के पदाधिकारी व सदस्यों के नेतृत्व राष्ट्रीय स्तर पर रथयात्रा निकाली जाएगी।
यदि सब कुछ योजना के अनुसार हुआ तो 6 साल में हंपी के हंपापुर में विश्व की सबसे बड़ी हनुमान की प्रतिमा का निर्माण होगा। इसी बीच अयोध्या में श्री राम की 221 मीटर लंबी विशाल प्रतिमा का निर्माण होने जा रहा है। हनुमान की प्रतिमा राम की प्रतिमा से अधिक न हो इस बात पर गौर करते हुए हनुमान की प्रतिमा की ऊंचाई को राम की प्रतिमा की ऊंचाई से कम रखने का फैसला लिया गया है।
हमुमान की जन्मस्थली किष्किंधा में 1200 करोड़ रुपए लागत में हनुमान की प्रतिमा स्थापित करने की योजना है। अगले 6 सालों के भीतर प्रतिमा प्रतिष्ठापन कार्य को पूर्ण करने का लक्ष्य है।
इस बारे में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हनुमद जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गोविंदनंद सरस्वती ने कहा कि अयोध्या में श्री राम की प्रतिमा जहां 221 मीटर ऊंची होगी वहीं हंपी में राम भक्त हनुमान की प्रतिमा की ऊंचाई 215 मीटर यानी की श्रीराम की प्रतिमा से 6 मीटर कम ऊंची होगी।
रामायण के संदर्भ में किष्किंधा वानर राज सुग्रीव की राजधानी हुआ करती थी। विश्वास किया जाता है यह युनेस्को के विश्व विरासती स्थल हंपी के बाहरी क्षेत्र में स्थित है। वर्तमान में अंजनाद्री पहाड़ पर जो हनुमान की प्रतिमा है इस तक पहुंचने के लिए श्रध्दालुओं को 550 सीढियां चढक़र आना पड़ता है। आगामी छ: सालों में बनने वाली हनुमान की प्रतिमा तक पहुंचने के लिए उचित व्यवस्था की जाएगी।

S F Munshi Reporting
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