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कन्नड़ भाषा को समृद्ध करने में जैन और मुसलमानों का योगदान अहम

locationहुबलीPublished: Nov 18, 2023 07:21:35 pm

Submitted by:

S F Munshi

कन्नड़ भाषा को समृद्ध करने में जैन और मुसलमानों का योगदान अहम

कन्नड़ भाषा को समृद्ध करने में जैन और मुसलमानों का योगदान अहम
कन्नड़ भाषा को समृद्ध करने में जैन और मुसलमानों का योगदान अहम
कन्नड़ भाषा को समृद्ध करने में जैन और मुसलमानों का योगदान अहम
-जिला कन्नड़ साहित्य परिषद पूर्व अध्यक्ष डॉ. विश्वनाथ ने कहा
इलकल (बागलकोट).
कन्नड़ राज्योत्सव पुरस्कार से सम्मानित रंगकर्मी, साहित्यकार, जिला कन्नड़ साहित्य परिषद के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विश्वनाथ वंशाकृतमठ ने कहा कि किसी भी भाषा के लिए धर्म, जाति, परम्परा या रंग की कोई सीमा नहीं है। कन्नड़ भाषा की संस्कृति, परंपरा और विरासत को समृद्ध करने में जैन और मुसलमानों का बहुत बड़ा योगदान है।
उन्होंने कहा कि कन्नड़ भाषा बहुत ही सरल और मीठी है। हमें हमारी मातृभाषा कन्नड़ भाषा के प्रति सम्मान, लगाव और अभिमान होना चाहिए। कन्नड़ भाषा को और अधिक समृद्ध करने के लिए सबसे पहले अपने घर से प्रयोग करने की जरूरत है।
यह विचार उन्होंने यहां के जमाते इस्लामी हिंद इकाई की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि प्रांत और भाषा को समृद्ध करने में मुस्लिम समुदाय का बहुत बड़ा योगदान है। मेंगलूर के शांति प्रकाशन संस्था ने करीब चार सौ से अधिक कन्नड़ भाषा में पुस्तकें प्रकाशित कर सराहनीय कार्य किया है।
जमाते इस्लामी हिंद संस्था के प्रमुख ताजुद्दीन हुमनाबाद ने समारोह की अध्यक्षता कर कहा कि हमें गर्व है कि कन्नड़ प्रांत और कन्नड़ भाषा के समृद्धि में योगदान करने वाले इलकल के तीन लोगों को कन्नड़ राज्योत्सव पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। हमारी संस्था के सारे कार्य एवं गतिविधियां कन्नड़ भाषा में ही होती हैं।
इलकल शहर विकास समिति अध्यक्ष चंबण्णा चंद्रपट्टण ने कहा कि इलकल शहर में सभी धर्म और जाति के लोग आपस में सौहार्द और भाईचारे के साथ रहते हैं। जमाते इस्लामी हिंद संस्था वाले अनेक जन उपयोगी कार्यक्रमों का आयोजन कर सौहार्द को बढ़ावा दे रहे हैं।
प्रखर प्रवचनकार एवं शिक्षक लालहुसैन कन्दगल ने कहा कि राज्य में ज्यादातर मुस्लिम कन्नड़ भाषा में ही पढे हैं और पढाई कर रहे हैं। राज्य में सौहार्द, समृद्धि, भाईचारा, समन्वय बनाए रखने में कन्नड़ भाषा ही कारण है।
रंगकर्मी डॉ. विश्वनाथ वंशाकृतमठ, स्नेहरंग के अध्यक्ष बसवराज मठद, उमेश शिरुर, सुलेमान चोपदार, प्रकाश पत्तार, विरभद्रय्या गुडदूरकल्लमठ को संस्था की ओर से सम्मानित किया गया।
इस मौके पर जमाते इस्लामी हिंद इलकल इकाई अध्यक्ष सैय्यद अहमद कोतवाल, मोहम्मदअली यतनट्टी, सेवा निवृत्त प्राचार्य बावुद्दीन काजी, अब्दुलगफ्फार तहसीलदार, डॉ. अब्दुलरेहमान बिळेकुदरी, महांतेश गोरजनाल सहित कई लोग मौजूद थे।
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