छात्रावासों के विद्यार्थी भी आने लगे कोरोना की चपेट में, घर लौटने का सिलसिला शुरू

धारवाड़ के अलग-अलग छात्रावासों में छात्रों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होते ही ऐसे सभी विद्यार्थियों की कोरोना जांच अनिवार्य की गई है। एक छात्रावास में शनिवार को दस छात्रों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके चलते अब शेष छात्र कोरोना के खौफ के कारण अपने-अपने गांव रवाना हो रहे हैं।

By: MAGAN DARMOLA

Published: 18 Apr 2021, 09:55 PM IST

हुब्बल्ली. धारवाड़ के छात्रावासों में रह कर पढ़ाई कर रहे छात्रों के कोरोना संक्रमित मिलने से विद्यार्थियों में हड़कंप मच गया है। धारवाड़ के अलग-अलग छात्रावासों में छात्रों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होते ही ऐसे सभी विद्यार्थियों की कोरोना जांच अनिवार्य की गई है। एक छात्रावास में शनिवार को दस छात्रों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके चलते अब शेष छात्र कोरोना के खौफ के कारण अपने-अपने गांव रवाना हो रहे हैं।

धारवाड़ के समाज कल्याण विभाग के छात्रावासों में पिछले दो दिन से 150 जने छात्रों का कोरोना परीक्षण किया गया था। रविवार को भी स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना जांच की। जांच करवाने वाले छात्र अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। विभिन्न जिलों से विद्याकाशी धारवाड़ को आए कुछ छात्रों में संक्रमण पाया गया है। इसके चलते विभिन्न गांवों से धारवाड़ को आए छात्र अपने बैग लेकर गांवों की ओर जाते नजर आए। विद्याकाशी धारवाड़ में कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है। इसमें भी छात्रों में ही यह संक्रमण अधिक नजर आ रहा है जो भय का कारण बना है।

पिछले सप्ताह धारवाड़ के एसडीएम इंजीनियरिंग कॉलेज में 15 छात्रों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी जिसके बाद संस्था के प्रशासन मंडल ने स्वयं एक सप्ताह तक कॉलेज बंद की घोषणा की थी। इसके अलावा कॉलेज को भी सैनिटाइज किया गया था। अब छात्रावासों के छात्रों में कोरोना संक्रमण अधिक संख्या में पाया जा रहा है। धारवाड़ के सप्तापुर स्थित गौरीशंकर छात्रावास के 25, केसीडी कालेज स्थित कावेरी छात्रावास में सात तथा हुब्बल्ली के बीयूबी कालेज में 13 छात्रों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके चलते धारवाड़ जिला प्रशासन ने सभी छात्रों के लिए कोरोना जांच अनिवार्य किया है। क्योंकि परीक्षा के समय में एक दूसरे को संक्रमण फैलने से रोकने के लिए सभी छात्रों को कोविड जांच अनिवार्य किया है। दूसरी ओर बीवीबी कॉलेज में जांच करने से संक्रमितों के लिए पृथक परीक्षा कक्ष की व्यवस्था की गई है। छात्रावास स्थित छात्रों में संक्रमण की पुष्टि होते ही बकाया छात्र घरों की ओर रुख कर रहे हैं।

छात्रावासों में स्थित कोरोना संक्रमित छात्रों के लिए पृथक छात्रावास में आइसोलेशन किया जा रहा है। रोग लक्षण नजर आने पर ही उन्हें अस्पताल भेजने का कार्य किया जा रहा है। कर्नाटक विश्वविद्यालय क्षेत्र में आने वाले कावेरी छात्रावास में छात्राएं ही हैं, कुछ छात्राओं के अभिभावक अपने बच्चियों को वापस ले गए हैं।

छात्रों में कोरोना पॉजिटिव नजर आते ही एक छात्रावास के छात्र के अभिभावक आकर छात्रावास से अपने भाई को ले जाने को आगे आने पर छात्रावास के वार्डन तथा अभिभावकों के बीच बहस हुई। कोरोना नियम पालन के साथ छात्रों के स्वास्थ्य पर ध्यान देने के बारे में वार्डन के कहने पर भी अभिभावकों ने इनकी एक नहीं सुनी और अपने बच्चों को लगेज समेत साथ ले गए। परीक्षा के समय में ही कोरोना के मामलों में बढ़ोत्तरी छात्रों के लिए सिरदर्द बनी है। एक ओर परीक्षा का दबाव दूसरी ओर कोरोना का संकट के बीच छात्र फंस गए हैं।

MAGAN DARMOLA
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