सृजनशील कार्य मानसिक परिवर्तन में सहायक

सृजनशील कार्य मानसिक परिवर्तन में सहायक
सृजनशील कार्य मानसिक परिवर्तन में सहायक

Zakir Pattankudi | Updated: 06 Oct 2019, 07:59:24 PM (IST) Hubli, Dharwad, Karnataka, India

सृजनशील कार्य मानसिक परिवर्तन में सहायक
-प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ईशप्पा भूते ने कहा
धारवाड़

सृजनशील कार्य मानसिक परिवर्तन में सहायक
धारवाड़
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ईशप्पा भूते ने कहा कि सृजनशील कार्य गतिविधियां मानसिक परिवर्तन तथा सुकून के लिए सहायक हैं। कैदियों यदि हस्तकला वस्तुओं को तैयार करें, कहानी, कविता, चुटकुले, लघु कविता आदि लिखें तो उनका मानसिक परिवर्तन होकर जीवन में आशाभाव पैदा होगा।
न्यायाधीश भूते रविवार को धारवाड़ केंद्रीय कारागृह परिसर के करेम्मा मंदिर प्रांगण में कैदियों की ओर से तैयार वस्तुओं की हस्तकला वस्तु प्रदर्शनी का उद्घाटन कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

अल्पावधि प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं

उन्होंने कहा कि अचानक हुई गलती से कई लोग सजा भुगत रहे हैं। ऐसे लोग किए पाप से पछतावा करते हैं। खिन्नता होने से उनमें अवसाद व निराशा की भावना पैदा होने की सम्भावना रहती है। इनके सुधार के लिए जेल की सजा देने पर भी इनमें जीवन के प्रति नया आशा भाव पैदा होने के लिए सृजनात्मक सक्रिय कार्य गतिविधियों में उन्हें जुटने के लिए मौका उपलब्ध करना चाहिए। उन्हें उनकी रुचि वाले क्षेत्र में खुले तौर पर जुटने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। इसके चलते धारवाड़ केंद्रीय कारागृह बेहतरीन कार्य कर रहा है। कारागार में राष्ट्रीय प्रतीकों का निर्माण, काव्य रचना, शिशुविहार आरम्भ तथा महिला कैदियों की रिहाई के बाद उनके लिए स्वावलंबी जीवन निर्माण की सुविधा की खातिर विभिन्न अल्पावधि प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, जो सराहनीय हैं।
उन्होंने कहा कि कैदियों के लिए मठ, मंदिर, चर्च, भगवान की मूर्ति, शिवलिंग आदि का मौका देने से उनमें अध्यात्म, ध्यान तथा मसाज के बारे में रुझान पैदा होगा।

11 कैदियों को रिहा करने की सरकार से सिफारिश

उन्होंने कहा कि कैदियों की ओर से तैयार की गई विभिन्न गृहोपयोगी वस्तुएं बेहद आकर्षक तथा गुणवत्ता की हैं। इनकी कलात्मकता देखने वालों के मन को खुशी देती है। आगामी दिनों में जिला न्यायालय परिसर समेत सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शनी मेला आयोजित कर इनकी कला को प्रोत्साहित किया जाएगा। जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली जेल सलाहकार समिति की बैठक आयोजित कर मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार कर धारवाड़ केंद्रीय कारागृह के 11 कैदियों को अच्छे बर्ताव के आधार पर रिहा करने की सरकार से सिफारिश की गई है।
जिला पुलिस अधीक्षक किशोर बाबू ने कहा कि कैदियों की ओर से तैयार की गई हर एक हस्तकला वस्तु सुंदर है। इनके लिए बाजार का मौका उपलब्ध करना चाहिए।

जरूरी सामानों को दिया जा रहा है

केंद्रीय कारागृह की अधीक्षक डॉ. अनिता आर. ने कहा कि पिछले एक माह से पांच महिला एवं 15 पुरुष कैदियों ने जेल परिसर में उपलब्ध बेकार तथा इस्तेमाल करके छोड़ी वस्तुओं का इस्तेमाल कर विभिन्न प्रकार के गृहपयोगी हस्तकला वस्तुओं को तैयार किया है। धारवाड़ केंद्रीय कारागृह में स्थित कैदियों को उनकी रुचि, कला को प्रदर्शित करने का खुला मौका देकर वस्तुओं को तैयार करने के लिए जरूरी सामानों को दिया जा रहा है।
जिला विधि सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव एवं वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश चिण्णन्नवर आर.एस. समेत केंद्रीय कारागृह के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।

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