बीट व्यवस्था होने के बावजूद रुक नहीं रहे अपराध

बीट व्यवस्था होने के बावजूद रुक नहीं रहे अपराध
बीट व्यवस्था होने के बावजूद रुक नहीं रहे अपराध,बीट व्यवस्था होने के बावजूद रुक नहीं रहे अपराध

Zakir Pattankudi | Updated: 06 Oct 2019, 03:53:17 PM (IST) Hubli, Dharwad, Karnataka, India

बीट व्यवस्था होने के बावजूद रुक नहीं रहे अपराध
-पुलिस आयुक्त आर. दिलीप ने दिए व्यवस्था में बदलाव के संकेत
हुब्बल्ली

बीट व्यवस्था होने के बावजूद रुक नहीं रहे अपरा
हुब्बल्ली
हुब्बल्ली-धारवाड़ जुड़वां शहर में बीट व्यवस्था होने के बावजूद अपराध नहीं रुकने पर इस व्यवस्था में बदलाव के पुलिस आयुक् त आर. दिलीप ने संकेत दिए हैं।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि आगामी दिनों में मीटर ब्याज कारोबार, क्रिकेट पर सट्टा, जुआ, मटका समेत अवैध गतिविधियों तथा घरों में चोरी, चेन स्नैचिंग, वसूली, लूट, चाकू घोंपने जैसे आपराधिक मामले होने पर संबंधित इलाके के बीट व्यवस्था के लिए नियुक्त पुलिस कर्मचारी ही जिम्मेदार होंगे।

गश्त के बारे में ही लोगों में संदेह

इधर, जुड़वां शहर में आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम के लिए पुलिस की गश्त बढ़ाई गई है। अवैध कारोबारों पर लगाम कसने के लिए दो-तीन वर्षों से सभी थानों में बीट व्यवस्था की गई है। इसमें जार्वजनिक सहभागिता की गई है। इसके बावजूद हाल के दिनों में मटका, जुआ, मीटर ब्याज, क्रिकेट पर सट्टा, चेन स्नैचिंग, घरों में चोरी, वसूली, लूट समेत जानलेवा हमला, चाकू घोंपना, हत्या जैसे मामले नियमित तौर पर चल रहे हैं। इनसे जुड़वां शहर की जनता की नींद उड़ गई है। यहीं नहीं पुलिस व्यवस्था तथा गश्त के बारे में ही लोगों में संदेह पैदा हुआ है।

जिम्मेदार बनाने का फैसला लिया

महानगर पुलिस आयुक्त आर. दिलीप ने आपराधिक गतिविधियों तथा अवैध धंधों पर लगाम कसने व कानून व्यवस्था को मजबूत करने का फैसला लिया है। साथ ही किसी भी इलाके में अप्रिय घटना, गतिविधि होने पर उस इलाके की बीट के लिए नियुक्त कर्मचारी को ही जिम्मेदार बनाने का फैसला लिया है।

जानकारी साझा करना बेहतर माना

लोगों से पुलिस विभाग की कार्यशैली को लेकर लगाए जा रहे आरोपों के चलते पुलिस आयुक्त आर. दिलीप ने बीट व्यवस्था में सुधार लाने का फैसला लिया है। सार्वजनिक सहभागिता में बीट व्यवस्था गठिज करने के बजाए उनसे अवैध गतिविधि, अवैध धंधों को करने वालों के बारे में जानकारी साझा करना बेहतर माना है।

दो विशेष दस्तों का गठन

अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए डीसीपी के नेतृत्व में विशेष दस्ता मीटर ब्याज कारोबारियों, आदतन अपराधियों, समाजकंटकों, अवैध कारोबारियों, महिलाओं को ऋण दिलवाने के नाम पर धोखा देने वालों का जाल तथा दुष्ट शक्तियों का दमन तथा आपराधिक गतिविधियों, कानून, व्यवस्था पर लगाम कसने की दिशा में आयुक्त ने संबंधित विभाग के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) के नेतृत्व में दो विशेष दस्तों का गठन किया है।

सहभागिता बीट व्यवस्था विफल

जुड़वां शहर में पूर्व में बीट व्यवस्था को सार्वजनिक सहभागिता के साथ गठित किया गया था परन्तु बीट व्यवस्था में नियुक्त होने वालों में कुछ लोग अवैध कारोबारियों, आपराधिक गतिविधियों में जुटे लोगों के साथ चिन्हित थे। इसके अलावा ऐसे कारोबारियों के बारे में पुलिस विभाग को जानकारी नहीं दे रहे थे। इसके चलते जन सहभागिता व्यवस्था पिछड़ी है।

चिपकाए स्टीकरों का नहीं मिला फायदा

लोगों का आरोप है कि हालही में जुड़वां शहर में हर घर, कार्यालयों में संबंधित इलाके के बीटकर्मी का नाम व मोबाइल संख्या की जानकारी वाले स्टीकर चिपकाए गए हैं। आपात मौकों, समस्या होने पर संपर्क करने की बात भी कही गई थी परन्तु कई बार उनसे संपर्क करने की कोशिश करना संभव नहीं हो पा रहा है। उचित प्रतिक्रिया ही नहीं है। वे कॉल स्वीकार नहीं करते हैं। नियमित तौर पर गश्त लगाने वाले वाहन जुड़वां शहर में आपराधिक गतिविधियों को रोकने की दिशा में 20 जनवरी 2017 से 25 चालुक्य गश्ती वाहनों को नियुक्त किया गया था परन्तु इनके सही तौर पर गश्त नहीं घुमने के लोगों की ओर से सुनाई दे रहे आरोपों के चलते पुलिस आयुक्त के कानून व्यवस्था विभाग के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) के नेतृत्व में सुनवाई की जा रही है। इनमें कुछ चालुक्य वाहन मरम्मत के लिए आए हैं, इनकी मरम्मत भी होनी चाहिए।

ब्याज कारोबारियों के साथ दोस्ती

बीट व्यवस्था में लोगों को शामिल करने से अवैध गतिविधियों में जुटे लोगों का दमन करना किस स्तर का संभव है यह जरूरी है। कुली मजदूर, ऑटोरिक्शा चालक, फल-सब्जी विक्रेताओं समेत सभी वर्ग के लोग बीट व्यवस्था में होने चाहिए। इसके जरिए सभी वर्ग के लोगों का दु:ख दर्द पुलिस को पता करने का मकसद था परन्तु मीटर ब्याज कारोबारियों ने ऐसों से ही ब्याज वसूलते हैं। फल-सब्जी समेत अन्य थोक व्यापारी अपने ही पास सब्जी, फल खरीदना चाहिए। अपने ठेले की गाडी में ही बेचने की धमकी देकर ठेला व्यापारियों से शाम को ब्याज समेत रुपए वसूलते हैं। फल तथा व्यापार उसी का होने से ऐसों के साथ सांठगांठ कर गरीब तबकों, दीन दलितों के दु:ख-दर्द को पुलिस विभाग प्रतिक्रिया कैसे दे सकती है। पुलिसकर्मी ही आदतन अपराधियों, समाजकंटकों, बदमाशों, क्रिकेट पर सट्टा लगाने वालों, ब्याज कारोबारियों, मटका सटोरियों समेत अवैध गतिविधि, कारोबार में लिप्त लोगों के साथ मित्रता बढ़ा ली है। जनता पूछ रही है कि ऐसा होने पर ऐसों का दमन कैसे संभव होगा।

दो माह में नया परिवर्तन

जुड़वां शहर में हालही में व्यक्तिगत तथा मामूली कारण से मारपीट, चाकू घोंपने जैसे मामले चल रहे हैं। इसके बावजूद कानून-व्यवस्था तथा आपराधिक गतिविधियों को नियंत्रित करने की दिशा में विभाग को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। और दो माह में जुड़वां शहर की जनता को पुलिस विभाग से बेहतरीन परिवर्तन देखने को मिलेगा। बीट व्यवस्था नियमित तौर पर चल रही है। इसे मजबूत करने की कार्रवाई की गई है। बीट कर्मचारियों को आमजनता की समस्याओं पर प्रतिक्रिया व्यक्त करना चाहिए। किसी भी जगह पर अप्रिय घटना, अवैध गतिविधियां होने पर ऐसे इलाकों में नियुक्त बीट कर्मचारियों को ही जिम्मेदारी ठहराया जाएगा।
-आर दिलीप, पुलिस आयुक्त, हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned