पाबंदी के बावजूद जलप्रपातों पर पर्यटकों की भीड़

पाबंदी के बावजूद जलप्रपातों पर पर्यटकों की भीड़
-जिले में कोरोना संक्रमण के मामले फिर से बढऩे के कारण प्रशासन ने लगाई थी रोक
गोकाक

By: Zakir Pattankudi

Published: 21 Jul 2021, 01:25 PM IST

पाबंदी के बावजूद जलप्रपातों पर पर्यटकों की भीड़
गोकाक
गोकाक जलप्रपात तथा गोडचिनमल्की जलप्रपात पर पर्यटकों के लिए पाबंदी लगाए जाने के बावजूद सप्ताहांत तथा छुट्टियों के दिन पर्यटक पुलिस की आंखों में धूल झोंककर जलप्रपात देखने पहुंचे।
कोरोना के मामले बढऩे की वजह से पिछले गुरुवार से जिला प्रशासन की ओर से गोकाक फाल्स, गोडचिनमल्की जलप्रपात पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बावजूद पर्यटक प्रशासन की ओर से जारी आदेश का उल्लंघन कर जल प्रपात देखने पहुंचे।

पर्यटक निराश

पर्यटकों को वापस भेजने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बारिश के दिनों में पर्यटकों को आकर्षित करने वाले गोकाक जलप्रपात, धुपदाल तथा गुडचिनमल्की जलप्रपात पर प्रशासन की ओर से प्रतिबंध लगाए जाने की वजह से पर्यटक निराश हैं।

पर्यटक स्थल पर पाबंदी लगाई

विख्यात गोकाक फॉल्स बारिश के दिनों में स्वर्ग सा प्रतीत होता है। बारिश के मौसम के दौरान ढ़ाई माह तक गोकाक फाल्स को देखने के लिए लाखों पर्यटक पहुंचते हैं। कोरोना की वजह से प्रशासन की ओर से पर्यटक स्थल पर पाबंदी लगाई गई है।

बिजली उत्पादन

गोकाक जलप्रपात और गोकाक मिल की अपनी विशेषता के साथ एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है। इस झरने के नीचे बिजली पैदा करने वाला प्लांट है, जो जून से अक्टूबर तक चलता है। इस बिजली संयंत्र को अंग्रेजों ने 1885 में शुरू किया था। कहा जाता है कि एशिया में पहली बार यहां बिजली पैदा हुई है। इस झरने के लिए बिजली की आपूर्ति गोकाक फॉल्स टाउनसेंड मिल और हेसकॉम सहित स्थानीय फॉल्स में स्थित श्रमिकों के घरों में की जाती है।

Zakir Pattankudi Incharge
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