scriptDiyas are being made from cow dung in Kalburgi | कलबुर्गी में गाय के गोबर से बनाए जा रहे हैं दीए | Patrika News

कलबुर्गी में गाय के गोबर से बनाए जा रहे हैं दीए

कलबुर्गी में गाय के गोबर से बनाए जा रहे हैं दीए
-महिलाओं को मिल रहा है रोजगार
कलबुर्गी

हुबली

Published: November 02, 2021 08:06:55 pm

कलबुर्गी में गाय के गोबर से बनाए जा रहे हैं दीए
कलबुर्गी
दीपावली अब बिलकुल निकट है। दीपावली का नाम सुनते ही आंखों के सामने पटाखे व दीयों की तस्वीर सामने आती है।
इन दिनों मंडी में प्लास्टिक के दीए बेरोकटोक बिक रहे हैं। प्लास्टिक के दीयों के पर्यावरण पर पडऩे वाले बुरे प्रभाव को रोकने के लिए कलबुर्गी गौशाला की ओर से एक नए प्रयास के तहत कई महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध करवा कर सहारा दिया गया है। प्लास्टिक के दिए से होने वाले नुकसान को ध्यान में रखते हुए कलबुर्गी के कुसनुरू बाहरी क्षेत्र में स्थित माधव गौशाला में दीए बनाकर कम कीमत पर बेचा भी जा रहा है।
गौशाला के स्थापक महेश बीदरकर इस नए प्रयास में अग्रसर हैं। प्राध्यापक की नौकरी करने वाले महेश बीदरकर को गायों से काफी लगाव है।
कई महिलाओं को रोजगार
महेश बीदरकर कई विकलांग अपाहिज गायों की रक्षा करने के साथ साथ गोबर से निर्मित भस्म सहित पांचजन्य बनाकर बेचते हैं। अब गोबर से दीए का निर्माण कर पर्यावरण की रक्षा करने के साथ-साथ कई महिलाओं को रोजगार भी उपलब्ध करवाने में सफल रहे है। माधव गोशाला में केवल गायों की रक्षा ही नहीं की जा रही है। कई महिलाओं को रोजगार भी उपलब्ध करवाया गया हैै।
महिलाओं को रोजगार देना सराहनीय
महिलाओं का दावा है कि कई महिलाओं को जीविकोपार्जन का अवसर देकर गरीबों का जीवन बनाया जा रहा है। कुल मिलाकर माधव गोशाला केवल गो सुरक्षा तक ही सीमित नहीं है। गोजातीय गोबर का उपयोग अन्य ग्रॉसर्स के लिए भी एक आदर्श है, साथ ही पर्यावरण के अनुकूल वित्त बनाकर पर्यावरण संरक्षण के लिए महिलाओं को रोजगार देना सराहनीय है।
कलबुर्गी में गाय के गोबर से बनाए जा रहे हैं दीए
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