प्याज की महंगाई के लिए सरकार को न ठहराएं जिम्मेदार

प्याज की महंगाई के लिए सरकार को न ठहराएं जिम्मेदार
-मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा
पणजी-हुब्बल्ली

S F Munshi

December, 0709:42 PM

प्याज की महंगाई के लिए सरकार को न ठहराएं जिम्मेदार
पणजी-हुब्बल्ली
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि राज्य की अवधारणा, उदासीन रवैये के कारण भूस्वामियों ने खेती को छोड़ दिया है। यही एक कारण है कि प्याज की कीमतें आसमान पर पहुंच गई हैं। सावंत ने गोवा पंचायत महिला शक्ति अभियान द्वारा आयोजित एक पुरस्कार समारोह के दौरान अपने भाषण में कहा, प्याज की ऊंची कीमतों के लिए सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। हम (लोग) इसके प्रति उदासीन रवैया रखने के लिए जिम्मेदार हैं। हमने सब्जियों और चावल को छोड़ दिया है। दूध, सब्जियां, यहां तक कि फूलों को भी पड़ोसी राज्यों से आयात करना पड़ता है।
सुसेगाडो एक इंडो-पुर्तगाली शब्द है, यह गोवा में भावनाओं, अवधारणा को दर्शाने वाले शब्द के रूप में जाना जाता है, जो कि संतोष से लेकर शांतचित्त के संदर्भ में इस्तेमाल होता है।
सावंत ने कार्यक्रम में कहा, प्याज की कीमतें 150 रुपये या 170 रुपये या 18 0 रुपये तक पहुंचने के लिए कौन जिम्मेदार है, बारिश नहीं। हम जिम्मेदार हैं, क्योंकि हम प्याज नहीं उगाते हैं।
उन्होंने कहा, हम सभी लोग प्याज उगाते थे। अब, हमने ऐसा करना बंद कर दिया है। क्या गोवा में प्याज उग सकता है? यह गोवा में उग सकता है। गोवा में महिलाएं प्याज, मिर्च और सब्जियां उगाती थीं, जिसकी जरूरत किसी घर को पूरे साल होती है।ज्ज् सावंत ने कहा कि उनकी मां भी प्याज उगाती थीं, लेकिन अन्य लोगों की तरह ही उनके घर भी इसका उगाया जाना बंद हो गया। बेमौसम बारिश के कारण देश भर में प्याज की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है।

फिल्म निर्देशक के खिलाफ मानहानि का मुकदमा
पणजी
व्यावसायिक रूप से गोवा की सबसे सफल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित कोंकणी फिल्म नचोम-इया-कुम्पासर परेशानियों से घिर गई है। मशहूर संगीतकार क्रिस पैरी के बेटे ग्लेन द्वारा इसके निर्देशक बारड्रॉय बैरेटो के खिलाफ मानहानि के दो मुकदमे दायर किए हैं। ग्लेन ने फिल्म में अपने पिता की छवि को धूमिल करने के लिए एक हजार करोड़ रुपए के दीवानी और मानहानि के मुकदमे दायर किए हैं।
इस मामले की सुनवाई शुक्रवार से पणजी के अदालत में शुरू होगी। इस मामले पर बैरेटो का कहना है कि यह पेरी के बारे में कोई बायोपिक नहीं है, हालांकि इसमें गोवा के दो संगीतकारों की उलझी हुई और विरक्त जिंदगी की एक काल्पनिक कहानी दिखाई गई है जो बाद में मुंबई चले गए थे।
ग्लेन पेरी ने इस बारे में कहा, उसने (बैरेटो) ने मेरे पिता की छवि को धूमिल करते हुए उन पर एक फिल्म बनाई है। यह स्वीकार करने योग्य नहीं है। मेरे पिता एक बहुत अच्छे इंसान थे। अपना नाम कमाने के लिए उन्होंने निरंतर कठोर परिश्रम किया है। फिल्म में सबकुछ गलत है, सबकुछ झूठा है।
पणजी में न्यायिक मजिस्ट्रेट के प्रथम श्रेणी की अदालत में मानहानि के ये मुकदमे दायर किए गए हैं, जिसमें पेरी ने हर्जाने के रूप में एक हजार करोड़ रुपये का दावा किया है।

S F Munshi Reporting
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