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सपना बनकर रह जाएगा सपनों का आशियाना

सपना बनकर रह जाएगा सपनों का आशियाना

हुबली

Published: November 08, 2021 10:50:52 pm

सपना बनकर रह जाएगा सपनों का आशियाना
-निरंतर महंगाई से भवन निर्माण हुआ मुश्किल
-दो गुना हो गए भवन निर्माण सामग्री के दाम
धारवाड़
पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार वृद्धि के कारण लोगों का सपनों का आशियाना बनना एक सपना बनकर ही रह जाएगा। पिछले कुछ माह से भवन निर्माण सामग्रियों के दामों में भारी बढोतरी हो रही है। इसके चलते भवन निर्माण करने वालों की जेब पर असर पड़ रहा है।
रेत, लोहा, ईंट, सीमेंट, हार्डवेयर सामग्री, प्लाइवुड, पेंट, एम-सैंड जैसे प्रमुख सामग्रियों के दाम लगभग दोगुना हुए हैं। मालवाहक वाहनों के किराए में भी जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। इसका असर अन्य सामग्रियों के दामों पर भी पड़ रहा है। कोरोना काल के बाद विभिन्न कारणों से भवन निर्माण सामग्रियों के दामों में भारी वृद्धि हो रही है। इसके बावजूद रेत, सीमेंट आदि की समय पर आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
दूर-दराज से मंगवाना पड़ रहा है
मेंगलूरु, चिक्कमंगलूरु, हरिहर आदि क्षेत्रों से रेत को मंगवाना पड़ रहा है। बेंगलूरु तथा बाहरी जिलों से ईंटें मंगवाई जा रही हैं। राज्य के कुछ इलाकों में सीमेंट ब्लॉक (इंट) को तैयार किया जा रहा है। कोविड के कारण भवन निर्माण सामग्रियों का उत्पादन घटने से सामग्रियों की मांग बढऩे से दामों में बढ़ोतरी हो रही है। इससे आमजन को घाव पर नमक छिड़कने जैसा हो गया है।
वाहन किराए में वृद्धि
पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी के कारण मालवाहक वाहनों के किराए में 30 प्रतिशत से बढ़ोत्तरी हुई है। पिछले एक साल में पेट्रोल और डीजल के दामों में 30 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। महंगाई के कारण वाहन चालकों का वेतन-भत्ता और किराया भी बढाया गया है। इससे ट्रक उद्योग संकट में आ गया है।
-प्रमोद बेण्णी, ट्रक मालिक, धारवाड़,
मजदूरों की कमी
कोरोना काल के कारण भवन निर्माण मजदूरों की कमी हो रही है। उत्पादन में जुटे मजदूरों की संख्या घटने से काफी समस्या हो रही है। लोडिंग-अनलोडिंग तथा पैकिंग करने वाले श्रमिकों की कमी के कारण भवन निर्माण कार्य में बाधा आ रही है। वाहन चालक भी समय पर नहीं मिल रहे हैं। पिछले एक साल से हालात एसे ही बने हुए हैं।
-सादिक मंगलगट्टी, भवन निर्माण ठेकेदार, धारवाड़,
महंगाई की मार से परेशान
बाजार में प्रति ट्रक रेत के दाम अब 60 हजार रुपए से बढ़कर एक लाख रुपए हो गए हैं। शुद्ध रेत के लिए 1.25 लाख रुपए भी देना पड़ता है। एक हजार इंटों के दाम साढ़े पांच हजार रुपए से बढ़कर साढ़े सात हजार रुपए हो गए हैं। मार्बल और सिरामिक टाइल्स के दामों में भी बढ़ोत्तरी हुई है, दाम दोगुना हुए हैं। 38 रुपए के एक सीमेंट ब्लॉक अब 48 से 50 रुपए में मिल रही है। सीमेंट तथा स्टील के दाम लगातार बढ़ रहे हैं।
-आनंद मल्लापुर, अभियंता, धारवाड़,
कुछ नहीं बचता
हुब्बल्ली-धारवाड़ में भवन निर्माण सामग्रियों को ट्रक में पहुंचाना काफी महंगा साबित हो रहा है। हुब्बल्ली महा नगर से धारवाड़ के बाहरी इलाके को भवन निर्माण सामग्रियों को पहुंचाने के लिए लगभग 30 कि.मी. दूर आना पड़ता है। लगभग सात लीटर डीजल के लिए 700 रुपए खर्च होते हैं। इसके साथ ट्रक चालक का भत्ता तथा वेतन देना होता है। इस कारण ट्रक मालिकों को कुछ भी नहीं बच रहा है।
-नजीर मकानदार, ट्रक मालिक, धारवाड़,
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