होटलों पर पहले पीयें काढ़ा तब ही मिलेगी चाय

होटलों पर पहले पीयें काढ़ा तब ही मिलेगी चाय
-अब्बिगेरी ग्राम पंचायत का फैसला
गदग

By: Zakir Pattankudi

Published: 29 Jun 2021, 09:09 PM IST

होटलों पर पहले पीयें काढ़ा तब ही मिलेगी चाय
गदग
पहले जिसके पास पैसा, सत्ता होती थी उसे शूरवीर समझा जाता था परंतु जबसे कोरोना संक्रमण का प्रवेश विश्व में हुआ है तबसे जिसके पास प्रतिरक्षा की शक्ति है उसे शूरवीर समझा जा रहा है। बुखार, सर्दी खांसी आने पर घर पर काढ़ा बनाकर पिलाया जा रहा है। काढ़ा कई मरीजों के लिए रामबाण साबित हुआ है। अब्बिगेरी के ग्रामीण जब भी होटल जाते हैं तब उनका स्वागत काढ़े के साथ किया जाता है। जो काढ़ा पीने से मना करे उन्हें नाश्ता व चाय भी नहीं दी जाती। ग्रामीणों के स्वास्थ्य के हित को देखते हुए ग्राम पंचायत की ओर से यह प्लान बनाया गया है।
गदग जिले के रोण तालुक के अब्बिगेरी गांव में स्थित सभी होटलों में चाय या नाश्ते का ऑर्डर लेने से पहले सभी ग्राहकों को काढ़ा नि:शुल्क दिया जा रहा है। काढ़े को आयुर्वेद में विशेष दर्जा दिया गया है। काढ़े से प्रतिरक्षा की क्षमता बढ़ती है अत: ग्रामीणों के स्वास्थ्य के चलते होटल में काढ़ा परोसने की अपील की गई है। चाय के ठेले पर भी ग्राहकों को पहले काढ़ा ही पिलाया जाता है। काढ़ा पीने से मना करने वालों को सीधे घर जाने का रास्ता दिखाया जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव की जनता के हित को देखते हुए जो योजना बनाई गई है वह अत्यंत सराहनीय है।
काढ़ा नि:शुल्क वितरित किया जा रहा है। ठेले या होटल में चाय पीने से पहले काढ़ा पीना अनिवार्य है। ग्रामीणों का कहना है कि काढ़े के सेवन से रोगों से प्रतिरक्षा की क्षमता बढ़ती है व साथ ही संक्रमण के खिलाफ लडऩे की ऊर्जा प्राप्त होती है। पहले तो होटल वालों को काढ़ा बनाने के निर्देश ग्राम पंचायत सदस्य, अध्यक्ष, पंचायत विकास अधिकारी की ओर से दिया गया था। होटल मालिकों की बिनती करने पर पंचायत सदस्य काढ़ा पावडर वितरित करने के लिए सहमत हुए। गांव के 17 होटल में यह योजना शुरू की गई है। प्रारंभ में प्रतिदिन 70 से अस्सी रुपए का भार होटल मालिकों पर पडऩे लगा फिर भी लोगों के हित के लिए होटल के तैयार भी हुए। गांव के पंचायत विकास अधिकारी का कहना है कि जनता के स्वास्थ्य के हित को ध्यान में रखते हुए काढ़ा वितरित किया गया था।
गदग जिले का रोण तालुक अब्बिगेरी गांव वास्तव में मिसाल है। पंचायत विकास अधिकारी तथा ग्राम पंचायत प्रशासन की योजना सफल होती दिख रही है। इस संबंध में ग्रामीणों के स्वास्थ्य के हित को देखते हुए जो फैसला लिया गया है वह अत्यंत सराहनीय है।

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