बेलगावी पर फिर मंडराया बाढ़ का खतरा

बेलगावी पर फिर मंडराया बाढ़ का खतरा
-कोयना बांध से कृष्णा नदी में आज छोड़ा जाएगा दो लाख क्यूसेक पानी
हुब्बल्ली

By: Zakir Pattankudi

Published: 05 Sep 2019, 08:12 PM IST

बेलगावी पर फिर मंडराया बाढ़ का खतरा
हुब्बल्ली
महाराष्ट्र के जलानयन क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते बेलगावी जिले के कृष्णा, वेदगंगा तथा घटप्रभा नदी क्षेत्र के नदी तटों के गांवों में फिर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। इस बीच यह जानकारी मिली है कि कोयना बांध से कृष्णा नदी में शुक्रवार को दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा।
महाराष्ट्र में हो रही मूसलाधार बारिश से कृष्णा नदी में पानी की आवक बढ़ी है। कृष्णा नदी के जल स्तर में एक साथ बढ़ोतरी होने से नदी तट के लोगों में भय छाया हुआ है। हिडकल जलाशय में 15 हजार क्यूसेक पानी की आवक हो रही है।

कोयना बांध से छोड़ा जा रहा अधिक पानी

महाराष्ट्र में हो रही भारी बारिश के चलते कोयना बांद से भारी पैमाने में पानी छोड़ा जा रहा है। उत्तर कर्नाटक के कृष्णा नदी क्षेत्र की जनता के सामने और अधिक खतरा पेश आया है। शुक्रवार को कृष्णा नदी में दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा दिया जाएगा, इसके चलते नदी तट के लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने की बेलगावी जिला पुलिस अधीक्षक लक्ष्मण निंबरगी ने अपील की है।

जिला प्रशासन ने कर ली जरूरी तैयारियां

महाराष्ट्र के कोयना बांध से कृष्णा नदी में फिर से दो लाख क्यूसेक पानी छोडऩे के चलते बेलगावी जिले के चिक्कोड़ी उपखंड के कई गांवों में भय छाया है। कृष्णा नदी में पहले ही 1.37 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इस बारे में कोल्हापुर जिलाधिकारी ने बेलगावी जिला प्रशासन को बुधवार को ही सूचना दी। अब फिर से पंचगंगा नदी कोयना बांध से दो लाख क्यूसेक पानी छोडऩे की जानकारी देने से बेलगावी जिलाधिकारी एसबी बोम्मनहल्ली ने नदी तट के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश जारी किया है। कृष्णा नदी तट की जनता अपने जरूरी सामानों के साथ सुरक्षित स्थानों को रवाना होने को कहा है। इसके लिए जिला प्रशासन ने जरूरी तैयारियां कर ली हैं।

गांवों का अन्य जगहों से कटा संपर्क

कुछ दिन पूर्व ही उत्तर कर्नाटक में बाढ़ आ गई। खासकर बेलगावी में हालात बिगड़ गए। अब कोयना बांध से फिर से पानी छोडऩे से लोग फिर भयभीत हुए हैं। कृष्णा नदी में उफान के कारण एचडी देवेगौड़ा पुल डूब गया है जिससे पांच-छह गांवों का संपर्क अन्य जगहों से कट गया है।

मंडरा रहा है बाढ़ का खतरा

चिक्कोडी, बागलकोट, रायचूर आदि जगहों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। बाढ़ के हालात से अभी-अभी उभरी जनता के घाव फिर हर होने की आशंका है। घटप्रभा-मलप्रभा नदियों में उफान आया है। नदी क्षेत्र के कई गांव जलमग्न होना शुरू हुआ है। शूर्पाली-जंबनी के बीच पुल जलमग्न हुआ है। लोग परेशान हुए हैं। राधानगरी जलाशय में भी 7119 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।

जनजीवन अस्त-व्यस्त

नारायणपुर बांध से 1.5 लाख क्यूसेक पानी छोडऩे से येडियूर-येल्लेळ पुल, नीलकंठराय गड्डी टापू बने हैं। कलबुर्गी जिले में भारी बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ है और तीन सौ वर्ष पुरानी एक इमारत धराशायी हुई है जिससे थोड़े से अंतर में ही जानी खतरा टला है।

सुरक्षित स्थलों पर जा रहे लोग

चिक्कमगलूरु जिले में भारी बारिश हो रही है जिससे कोप्प, एनआर पुर, शृंगेरी में भारी बारिश हो रही है। भारी बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हुआ है। मलेनाडु क्षेत्र में चट्टान खिसकने का खतरा सामने आया है, इसके चलते लोग सुरक्षित स्थलों पर जा रहे हैं।

Zakir Pattankudi Incharge
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