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बेंगलूरु, तटीय जिलों में गांजा बुकिंग की भरमार

बेंगलूरु, तटीय जिलों में गांजा बुकिंग की भरमार
-ऑनलाइन पर बिक रहा नशा
हुब्बल्ली

हुबली

Published: October 29, 2021 06:56:34 pm

बेंगलूरु, तटीय जिलों में गांजा बुकिंग की भरमार
हुब्बल्ली
राज्य में ऑनलाइन के जरिए गांजा का कारोबार चल रहा है, जो पुलिस के लिए सिर दर्द बना हुआ है। नए-नए वेबसाइट, फेसबुक, इन्सटाग्राम खाता, ग्रुप के जरिए ग्राहकों को पहुंचने वाला जाल पनप रहे हैं, इस पर लगाम करने के बारे में विभाग विचार कर रहा है।
वर्तमान में ई-कॉमर्स व्यापक तौर पर विस्तार होने के चलते कौन किस समान का बुकिंग कर रहे हैं इस बारे में नजर रखना ही बड़ी चुनौती का कार्य बना हुआ है। इसी समस्या को पूंजी बनाकर पेडलर गांजा समेत मादक पदार्थों को ऑनलाइन के जरिए बेच रहे हैं। ऑनलाइन पर लिंक दिए जा रहे हैं, जिसका युवा-विद्यार्थी शिकार हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल ऑनलाइन बिक्री मात्र नहीं प्रशिक्षण के लिए भी मौका है। हालही में बेंगलूरु के हाईड्रो गांजा मामले से संबंधित विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार करने पर यह मामला उजागर हुआ था। ऑनलाइन के जरिए हाईड्रो गांजा बीजों को तैयार कर घर में ही गांजा उगाने का प्रशिक्षण ऑनलाइन पर मिल रहा है। इसके चलते वर्तमान में ऑनलाइन जगत मादक दुनिया के लिए हथियार के तौर पर परिवर्तित हो रहा है। सरकार को शीघ्र इस पर लगाम कसने की जरूरत है।
बेंगलूरु, तटीय जिलों में गांजा बुकिंग की भरमार
बेंगलूरु, तटीय जिलों में गांजा बुकिंग की भरमार
दबे हुए मामले

बेंगलूरु ग्रामीण, तुमकूरु, चिक्कबल्लापुर, कोलार, हुब्बल्ली, विजयपुर के लिए आंध्र प्रदेश से गांजा आपूर्ति हो रहा है। गिने चुने मामले मात्र दर्ज हो रहे हैं। पड़ोसी राज्य के कुछ प्रतिष्ठित कॉलेज विद्यार्थियों को लक्ष्य बनाकर आ रहा यह गांजा का जाल स्थानीय युवाओं के लिए मारक बन रहा है। बेंगलूरु ग्रामीण में पड़ोसी राज्य के विद्यार्थियों के छात्रावासों को सीधे तौर पर आपूर्ति हो रहा गांजा, हाईस्कूल, कॉलेज विद्यार्थियों के लिए विस्तार होने के खतरे का कारण बना है।
गांजा मामलों पर लगाम नहीं लगा

तटीय जिलों में यही खतरा बना हुआ है, केरल के विद्यार्थियों को लक्ष्य बनाकर आ रहा मादक पदार्थ पेडलर स्थानीय युवाओं को नशे की लत लगाने का कार्य कर रहे हैं। गांजा उत्पादक, विक्रेताओं पर छापामारी कर रहा विभाग वर्ष 2017 में 653, वर्ष 2018 में 1031, वर्ष 2019 में एक हजार से अधिक मामले दर्ज कर बड़े पैमाने के गांजा जब्त किया है परन्तु गांजा मामलों पर मात्र लगाम नहीं लग पाया है।
गांजा के कई नाम

राज्य में गांजा को विभिन्न नामों में खरीदा जाता है। वीड, मरिजवेना, पाट, ग्रास, डोप, हैश समेत अन्य कुछ नाम हैं।

कानून क्या कहता है

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गांजा समेत मादक पदार्थ इस्तेमाल के लिए देश में नारकोटिक्स ड्रग्स और साइकोट्रॉफिक पदार्थ विधेयक 1985 तथा 1988 देश भर में जारी है। कानून के तहत थोड़े पैमाने पर इस्तेमाल के लिए छह माह तक जेल की सजा तथा दस हजार रुपए जुर्माना लगाया जाता है। इससे अधिक इस्तेमाल या फिर बिक्री से संबंधित दस वर्ष तक जेल की सजा के साथ एक लाख रुपए तक जुर्माना लगाया जाता है।

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