निगम सहयोग नहीं देगा तो करेंगे आंदोलन

निगम सहयोग नहीं देगा तो करेंगे आंदोलन
निगम सहयोग नहीं देगा तो करेंगे आंदोलन,निगम सहयोग नहीं देगा तो करेंगे आंदोलन

S F Munshi | Publish: Sep, 23 2019 08:44:45 PM (IST) | Updated: Sep, 23 2019 08:44:46 PM (IST) Hubli, Dharwad, Karnataka, India

निगम सहयोग नहीं देगा तो करेंगे आंदोलन
-उत्सव समिति के अध्यक्ष हुणसिमरद हुए खफा
-दशहरा उत्सव के लिए भारी शुल्क वसूलने पर जताई नाराजगी
धारवाड़-हुब्बल्ली

निगम सहयोग नहीं देगा तो करेंगे आंदोलन
धारवाड़-हुब्बल्ली
धारवाड़ दशहरा जंबो सवारी उत्सव समिति के अध्यक्ष गुरुराज हुणसिमरद ने कहा है कि दशहरा जंबो सवारी उत्सव के लिए महानगर निगम की ओर से सहयोग नहीं मिलने पर आगामी दिनों में आंदोलन किया जाएगा।
पत्रकारों से बातचीत में हुणसिमरद ने कहा कि नियमानुसार जून माह में कलाभवन मैदान को एक माह की अवधि के लिए किराए पर देने के संबंध में निगम को समिति ने पत्र लिखा था। नगर निगम अधिकारियों ने तीन दिन पूर्व पत्र के जरिए जवाब दिया था कि वस्तु प्रदर्शनी के लिए कलाभवन की जगह का किराया 13.40 लाख रुपए देने पर ही मैदान दिया जाएगा ऐसा कहा गया है।
उन्होंने कहा कि 15 वर्षों से समिति की ओर से दशहरा जंबो सवारी उत्सव जिला औद्योगिक केन्द्र, कन्नड़ एवं संस्कृति विभाग तथा अन्य संघ-संस्थाएं एवं दानियों के सहयोग से मनाते आए हैं। महानगर निगम भी इससे पहले कम दाम में वस्तु प्रदर्शनी के लिए कलाभवन मैदान रियायत दर में उपलब्ध करते हैं। निगम ने समिति के पत्र का जवाब देने में विलम्ब किया तथा दूसरी ओर भारी शुल्क निर्धारित किया है जो खेद की बात है।
हुणसिमरद ने कहा कि इस बारे में नगर निगम आयुक्त से मुलाकात कर पूछे जाने पर आयुक्त ने कहा कि पिछली निगम सभा में मैदान किराए पर देने किसी प्रकार की रियायत ना देने का प्रस्ताव पारित किया गया है। गत अवधि में निगम में सभा नेता विजयानंद शेट्टी की ओर से प्रस्तावित एवं पार्षद संजय कपटकर ने इसका समर्थन करते हुए मंजूरी दी गई प्रस्ताव के मुताबिक मैदान का शुल्क निर्धारित किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस विषय को बताने के लिए निगम ने विलम्ब किया है। इस विलम्ब के लिए अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी साफ दिखाई दे रही है। निर्धारित शुल्क काफी ज्यादा है। सांस्कृतिक कार्यक्रम को प्रोत्साहित करने के बजाए नगर निगम दशहरा उत्सव में परेशानी पैदा करने का प्रयास कर रही है जो निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि हुब्बल्ली तथा धारवाड़ में स्थित मैदान तथा सभा भवनों के किराए में बहुत फर्क है। इतनी ऊंच-नीच होने के बावजूद जनप्रनितधियों ने चुप्पी साधी है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए कलाभवन मैदान कम दामों में उपलब्ध करना चाहिए। निगमा रवैया ऐसा रहा तो आगामी दिनों में पृथक निगम की मांग की जाएगी।
हुणसिमरद ने कहा कि महेज 14 लाख रुपए की लागत में निर्मित कलाभवन का आज 5 करोड़ रुपए खर्च करने पर भी सुसज्जित भवन नहीं हो पा रहा है। निर्मिती केन्द्र एवं जिला प्रशासन की लापरवाही के चलते कलाभवन किसी भी कार्यक्रमों के लिए नहीं मिल पा रहा है। कलाभवन का किराया 50 हजार रुपए निर्धारित किया है जो सही नहीं है।
संवाददाता सम्मेलन में विलास तिबेली, के.एम. बाडकर, मनोज संगोल्ली, गणपतराव मुंजी, पी.एस. किरेसूर, करेप्पा सुणगार आदि उपस्थित थे।

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