जीवन संवारने की कला है कैलीग्राफी, रोजागर के काफी अवसर

कैलीग्राफर के लिए काम की कमी नहीं है। शादी के कार्ड, सर्टिफिकेट, निमंत्रण कार्ड, बधाई कार्ड के अलावा अनेक प्रसंगों पर कैलीग्राफी का उपयोग किया जा सकता है।

By: MAGAN DARMOLA

Published: 12 Jul 2021, 07:05 PM IST

इलकल (बागलकोट). महिलाओं की सक्रिय संस्था जेसीआई सिल्क सिटी की ओर से शनिवार को गोंगडशेट्टी कल्याण मंडप में पत्रकारिता दिवस के उपलक्ष्य में पत्रकारों का सम्मान एवं मूक बधिर बच्चों को सुंदर अक्षर सिखाने के लिए आयोजित किए गए शिविर का उद्घाटन संस्था अध्यक्ष लक्ष्मी कुटुगमरी ने किया। मुख्य अतिथि हरपनहल्ली के शिवकुमार नायक व मौजूद अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

शिवकुमार नायक ने कहा कि पत्रकारिता समाज का आईना है और सदा जागृत रहते हुए हर घटना को पाठक तक पहुंचाने का जिम्मा भलीभांति निभा रहे है। संस्था की अध्यक्ष लक्ष्मी कुटुगमरी खुद कैलीग्राफर है और उन्होंने बहुत से बच्चों को इसके पहले भी कैलीग्राफी सिखाई है। अब उन्होंने आशादीप संस्था के सहयोग से मूक बधिर बच्चों को कैलीग्राफी सिखाने का बीड़ा उठाया है जो तारीफे काबिल का कार्य है।

श्रमजीवी पत्रकार संघ के अध्यक्ष विजय गवीमठ, आशादीप संस्था के संस्थापक अध्यक्ष राघु हुब्बल्ली ने विचार व्यक्त किए। कैलीग्राफी विशेषज्ञ लक्ष्मी कुटुगमरी ने कहा कि इसके पहले भी दिव्यांगों को कैलीग्राफी सिखाई है। अब इन मूक बधिर बच्चों को सिखाने का बीड़ा उठाया है।

कैलीग्राफर के लिए काम की कमी नहीं है। शादी के कार्ड, सर्टिफिकेट, निमंत्रण कार्ड, बधाई कार्ड के अलावा अनेक प्रसंगों पर कैलीग्राफी का उपयोग किया जा सकता है। मंच पर जेसीआई सिल्क सिटी संस्था अध्यक्ष लक्ष्मी कुटुगमरी, प्रधान सचिव विद्या सज्जन, सविता मुत्तूर, आशादीप संस्था के संस्थापक राघु हुब्बल्ली, श्रमजीवी पत्रकार संघ के अध्यक्ष विजय गवीमठ मौजूद थे।

जेसीआई सिल्क सिटी संस्था की ओर से पत्रकारिता दिवस के उपलक्ष्य में वरिष्ठ पत्रकार सज्जनराज मेहता, बसवराज मठद, संगण्णा मळगीहाल, बसवराज नाडगौड, विजय गवीमठ को शाल ओढ़ाकर मालार्पण करके सम्मान पत्र प्रदान करके सम्मानित किया।

लक्ष्मी कुटुगमरी तथा अतिथियों ने कैलीग्राफी सीखने वाले मूक बधिर बच्चों को सीखने के लिए लगने वाली वस्तुओं के किट वितरित किए। कार्यक्रम का शुभारंभ निर्मला बणकार ने जेसी वाणी के पठन से किया। विद्याश्री सूळीभावी ने भावभरा गीत प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी। प्रार्थना गीत किरण अंबोरे ने प्रस्तुत किया। अतिथियों का परिचय शीतल देशपाण्डे व सुमंगला बिरादर ने किया। सविता मुत्तूर और राजश्री हरिहर ने संचालन किया।

MAGAN DARMOLA
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