scriptKannada language priority in new national education policy | नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कन्नड़ भाषा को प्राथमिकता | Patrika News

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कन्नड़ भाषा को प्राथमिकता

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कन्नड़ भाषा को प्राथमिकता
-विधायक बेल्लद ने कहा-भाषा बचेगी तो संस्कृति बचेगी
हुब्बल्ली

हुबली

Published: November 02, 2021 08:14:56 pm

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कन्नड़ भाषा को प्राथमिकता
हुब्बल्ली
विधायक अरविंद बेल्लद ने कहा है कि पिछली सरकार ने सभी सरकारी स्कूलों में इंग्लिश मीडियम शुरू करने का फैसला लिया था परन्तु अदालत ने इस पर रोक लगा दी थी। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति जारी हुई है, इसके तहत हर राज्य में संबंधित मातृभाषा (प्राथमिक भाषा) को अधिक जोर दिया गया है। इसके तहत हमारे राज्य में मातृभाषा के तौर पर कन्नड़ को प्राथमिकता दी गई है।
बेल्लद सोमवार को शहर के सिध्दारूढ़मठ परिसर में कन्नड़ राज्योत्सव के उपलक्ष्य में भुवनेश्वरी देवी की पूजा कर पुष्प अर्पित करने के बाद बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत प्राथमिक शिक्षा पूरी तरह कन्नड़ भाषा तथा संबंधित राज्य की भाषा में ही होगी। इससे हमारे देश की संस्कृति मजबूत होगी। मूल भाषा को सम्मान मिलेगा। कर्नाटक तथा कन्नड़ भाषा के उदय के लिए हुब्बल्ली-धारवाड़ की भूमिका महत्वपूर्ण है। कन्नड़ एकीककरण के लिए कन्नड़ भाषा के लिए अदरगुंची के शंकररायर ने आंदोलन किया था। साथ ही सभी आंदोलनों के लिए धारवाड़ का कर्नाटक विद्यावर्धक संघ अंग्रीम पंक्ती में था। इससे पूर्व में कर्नाटक हैदराबाद कर्नाटक, मेंगलूरु, मैसूरु कर्नाटक, गोवा, बाम्बे कर्नाटक इस प्रकार बंटा हुआ था। इन सभी का अखंड होना चाहिए, कन्नड़ भाषी एक ओर रहना चाहिए, कर्नाटक के निवासी होना चाहिए, इस सोच के साथ आंदोलन करने वाले अदरगुंची शंकर राय तथा कर्नाटक विद्यावर्धक संघ के आंदोलनकारियों ने कन्नड़ की खातिर आंदोलन किया। मैसूरु भाग के नेताओं ने अखंड कर्नाटक एक होने पर ही प्रतिनिधित्व बढ़ेगा कहकर मैसूरु कर्नाटक को शामिल कर एक हुआ। यह सभी कर्नाटक के उदय के लिए कारण बने। भाषा बचेगी तो उस भाषा की संस्कृति बचेगी।
नेम बोर्ड बदलने का कार्य शुरू
हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर निगम आयुक्त डॉ. सुरेश इट्नाल ने कहा कि कर्नाटक एकीकरण के दौरान कन्नड़ संगठनों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। खासतौर पर धारवाड़ कर्नाटक विद्यावर्धक संघ तथा संगठकों की भूमिका अधिक है। शहर में नेम बोर्ड बदलने का कार्य शुरू किया गया है, 320 बोर्डों को बदला गया है। बकाया बोर्ड को शीघ्र ही बदला जाएगा।
हमें कन्नड़ की रक्षा करनी चाहिए
हुब्बल्ली-धारवाड़ शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) अध्यक्ष नागेश कलबुर्गी ने कहा कि आज राज्य भर में कन्नड़ त्योहार का माहौल निर्माण हुआ है। सभी को कन्नड़ के बारे में अभिमान होना चाहिए क्योंकि कन्नड़ की रक्षा के लिए कन्नड़ संगठ प्रतिदिन संघर्ष कर रहे हैं। कन्नड़ को क्षति पहुंचने पर आंदोलन कर गलती को सुधारने के साथ कन्नड़ के संगठक अभिमान प्रदर्शित करते आए हैं। हमारी जल, जमीन, भाषा की रक्षा के लिए परिश्रम करने चाहिए तथा कन्नड़ का प्रथम प्राथमिकता देनी चाहिए। हमारे कन्नड़ प्रांत की संस्कृति को विदेशी भी विकसित कर रहे हैं। कन्नड़ के गीतों को गाकर नाचकर खुशी मना रहे हैं। इसी कारण हमें कन्नड़ की रक्षा करनी चाहिए।
विजेताओं का किया सम्मान
इस दौरान वर्ष 2021 में कन्नड़ भाषा में 125 में 125 अंक प्राप्त 36 छात्रों को पुरस्कार पत्र तथा स्मरणिका दी गई। साथ ही हुब्बल्ली तथा धारवाड़ विभाग की ओर से आयोजित निबंध प्रतियोगिता में चयनित छह विजेताओं का सम्मान किया गया।
वेष्णोदेवी मंदिर के धर्माधिकारी देवप्पज्ज के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम में अतिरिक्त महानगर निगम के आयुक्त एआर देसाई, सार्वजनिक संपर्क अधिकारी एससी बेवूर समेत महानगर निगम के पार्षद, अधिकारी, कन्नड़ संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता आदि उपस्थित थे।
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