गांधीनगर में किरकोल बिक्री के दुकानदार परेशान

गांधीनगर में किरकोल बिक्री के दुकानदार परेशान

By: S F Munshi

Published: 11 Jun 2021, 10:17 PM IST

गांधीनगर में किरकोल बिक्री के दुकानदार परेशान
-हर दिन सवा करोड़ का कारोबार ठप
कोल्हापुर
पश्चिम महाराष्ट्र की करवीर तहसील के गांधीनगर की बड़ी बाजारपेठ में किरकोल बिक्री दुकानदार हतबल हुए हैं। गए दो माह से दुकान बंद होनेसे सिर्फ दुकानदार नहीं बल्कि दुकान में काम करने वाला कामगार वर्ग भी हवालदिल हुआ है। हर दिन सवा करोड़ का कारोबार गए दो माह से ठप होनेसे बाजारपेठ में लगभग 100 करोड़ का कारोबार रुका है।
गांधीनगर का कपड़ा व्यापारपेठ यह पश्चिम महाराष्ट्र, उत्तर कर्नाटक और कोकण में बड़ी प्रसिद्ध है। यह बाजारपेठ प्रमुख तौर पर घाऊक बिक्री के लिए प्रसिद्ध है लेकिन किरकोल बिक्री करनेवाले लगभग 400 के आसपास दुकान है। इस दुकान में हर दिन किरकोल खरीदारी के लिए ग्राहक आते है। गए दो माह से गांधीनगर बाजारपेठ बंद होने से किरकोल दुकानदारों का बड़ा नुकसान हुआ है। हर दुकान में औसतन पांच कामगार होते हैं।
इन किरकोल दुकानदार पर प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से चार हजार परिवार निर्भर है। दो साल पहले पंचगंगा नदी को आए बाढ के कारण व्यापार नहीं हो पाया, उसके बाद लगातार दो साल कोरोना के संकट से बड़ा नुकसान हुआ। पिछली दिवाली से पहले कुछ दिन पहले दुकान शुरू हुए लेकिन ग्राहकों का प्रतिसाद नहीं मिला। नए साल में गुढीपाडवा, अक्षय्य तृतीया के बाद शादी का सीजन शुरू होता है उसी समय लॉकडाउन लागू होने से यहां के व्यापारी बड़ी चिंता में हंै।
कोल्हापुर परिसर में कोरोना मरीजों की संख्या और मौत का दर कम होगा और फिर से दुकान शुरू होंगे इस आशापर यह दुकानदार दिन निकाल रहे है। लेकिन कोल्हापुर का मौत का दर और मरीजों की संख्या राज्य में सबसे जादा होने से व्यापारी हतबल है। माह का भाड़ा, बिजली बिल, टेलिफोन बिल, कामगार खर्चा, चायपानी ऐसा स्थिरखर्चा शुरू है लेकिन दुकान बंद है। उत्पन्न नहीं और खर्चा शुरू ऐसी स्थिति में सभी फंसे हुए हैं। कोरोना का संसर्ग कब कम होगा और फिर से दुकान खुलेंगे इस ओर सभी का ध्यान लगा हुआ है।
दो माह से दुकान बंद होने से उत्पन्न बंद है। खर्चे तो बंद नहीं है जिससे शासन ने हमारी ओर ध्यान देना चाहिए
अमित रोचलानी, किरकोल दुकान व्यवसायी
शादी और त्योहार के दिनों में व्यापार बंद रहने से दुकानदारों पर बड़ा असर हुआ है। इससे बाजारपेठ का बड़ा नुकसान हुआ है।
-हरेश कुकरेजा, किरकोल दुकान व्यवसायी

S F Munshi Reporting
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