बच्चों के बेहतर इलाज के लिए अभी से करें आवश्यक तैयारी

बच्चों के बेहतर इलाज के लिए अभी से करें आवश्यक तैयारी

By: S F Munshi

Published: 11 Jun 2021, 10:30 PM IST

बच्चों के बेहतर इलाज के लिए अभी से करें आवश्यक तैयारी
-महिला तथा बाल विकास मंत्री शशिकला ने दिए निर्देश
गदग
जिले मे कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की संभावनाओं को देखते हुए बच्चों
को उपयुक्त इलाज उपलब्ध करवाने के लिए आवश्यक तैयारी अभी से करने के
निर्देश महिला तथा बाल विकास, विकालांग तथा वरिष्ठ नागरिक अधिकारिता
विभागीय मंत्री शशिकला जोल्ले ने अधिकारियों को दी। वे कोरोना की तीसरी
लहर से बच्चों की रक्षा कैसे की जाए इस विषय पर चर्चा करने के लिए बुलाई
गई अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रही थी। बैठक गदग जिला पंचायत
सभागृह में आयोजित की गई थी।
शशिकला जोल्ले ने कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की चपेट में अधिकांश बच्चों की आने की संभावनाओं के चलते जिला
अस्पताल, तालुक अस्पताल तथा विभिन्न अस्पताल में उपयुक्त बिस्तरों की
व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने ऑक्सीजन वेंटिलेटर सहित सभी तैयारियां
करने के साथ साथ योजना बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि
राज्य सरकार भी कोरोना की तीसरी लहर पर नियंत्रण करने की दिशा में अग्रसर
है। ग्रामीण क्षेत्र में आंगनवाडी, आशा कार्यकर्ताओं के साथ स्वास्थ्य
समीक्षा कर बच्चों के स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जा रही है। जिले में
बच्चों के लिए अलग से कोरोना देखभाल केंद्र की व्यवस्था करवाने को कहा।
पांच साल तक के बच्चों तथा 6 से 18 साल तक के बच्चों को अलग वार्ड में
चिकित्सा उपलब्ध करवाने तथा संक्रमित बच्चों के साथ मां के रहने की
व्यवस्था भी करने को कहा। स्वास्थ्य विभाग, महिला तथा बाल विकास विभाग
को आपसी समन्वय के साथ तीसरी लहर बच्चों की रक्षा करने संबंधित योजना
बनाने को कहा। जिले में स्थित बच्चों की सहायतावाणी की सेवाए निरंतर जारी
रखने तथा हेल्पलाइन संहिताबद्ध जानकारी जिला उपनिदेशक को देने को कहा।
संक्रमण की वजह से बच्चे कुपोषण, आस्थमा तथा हृदयरोग से संबंधित
बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। ऐसे बच्चों के प्रति विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया।
विधायक डॉ. एचके पाटील ने कहा कि बच्चों को संभावित संक्रमण से संबंधित इलाज के मामले में लापरवाही न बरतें।
विधान परिषद सदस्य एसवी संकनूर ने कहा कि जिले में बच्चों की संख्या के
आधार पर यह सुनिश्चित करने की ज़रूरत है कि विशेषज्ञ वहां हैं। एचके
पाटील ने कहा कि उन्हें प्राप्त जानकारी के मुताबिक बाल विशेषज्ञों की
कमी दूर करने के लिए मंत्री को आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थायी
नियुक्ति संभव न होने पर जिला बाल रोग विशेषज्ञ को अनुबंध के आधार पर
उपलब्ध कराएं। जिलाधिकारी एम. सुंदरेश बाबू तथा जिला पंचायत मुख्य
कार्यकारी भरत एस ने कहा कि प्रशासन कोरोना की तीसरी लहर का सामना करने
की तैयारी कर रहा है और सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। महिला तथा बाल विकास विभाग के उपनिदेशक
उस्मान ए. ने कहा संभवित कोरोना की तीसरी लहर का यदि सामना करना पड़े तो
बच्चों को क्वारंटीन करने के लिए जिले में 6 क्वारंटीन केंद्र चिन्हित किए गए हैं। जिले में 19 बाल देखभाल केंद्र हैं जिनमें 1 हजार 161 बच्चों को भर्ती
करवाया गया था जिनमें से 1 हजार 50 बच्चों को घर भेजा गया है। एक सौ तीन
बच्चे देखभाल केंद्र में हैं। समस्त बाल सुरक्षा योजना के अंतर्गत
अनुसूचित जाति, जनजातीय सहित कुल 379 बच्चों के लिए 45 लाख 89 हजार रुपए
का भुगतान किया गया है।
जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. सतीश बसरीगिड़द ने कहा कि
जिले के कोरोना अस्पतालों में बच्चों के लिए अलग विभाग चिन्हित किए गए
हैं। शिरहट्टी में 5 सहित कुल 68 बिस्तर 0-18 आयु वर्ग के बच्चों के लिए
आरक्षित हैं। जिम्स अस्पताल में अतिरिक्त 100 बिस्तर सुरक्षित रखने की
योजना बनाई गई है।
जिला सर्वेक्षण अधिकारी डॉ. जगदीश नुच्चि ने बताया कि वर्ष 2020 तक, 0-18 आयु वर्ग के 28,100 बच्चों का परीक्षण किया गया था
परीक्षण के दौरान 981 बच्चों में संक्रमण होने की पुष्टि हुई थी। वर्ष
2021 में 51,हजार 279 बच्चों के स्वैब की जांच की गई जांच के दौरान 1381
बच्चों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई जो अभी ठीक हो चुके हैं। इनमें
से 89 बच्चों का इलाज चल रहा है। बैठक में विधायक रामण्णा लमाणी,
द्राक्षारस बोर्ड के अध्यक्ष कांतिलाल बन्साली, शहरी विकास प्राधिकरण के
अध्यक्ष संगमेश दुंदूर, अपर जिलाधिकारी सतीश कुमार एम सहित कई उपस्थित थे।

S F Munshi Reporting
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