कोरोना संकट में बेरोजगारों का सहारा बनी महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना

ग्रामीण क्षेत्रों के 90 प्रतिशत लोगों को मिल रहा है रोजगार, राज्य तथा केंद्र सरकार के अंतर्गत मनरेगा योजना के तहत चलने वाले निर्माण कार्य के दौरान महिला एवं पुरुष को समान रूप से प्रतिदिन 289 रुपए वेतन मुहैया करवाया जा रहा है।

By: MAGAN DARMOLA

Published: 21 Apr 2021, 09:17 PM IST

हुब्बल्ली. बीते 14 माह से कोरोना की काली साया के कारण बेरोजगारी का सामना कर रहे ग्रामीण परिवार तथा विभिन्न कंपनियों में काम रहे श्रमिकों का एकमात्र सहारा महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ही है। रोजगार गारंटी योजना के तहत गदग जिला रोण तालुक भर में पिछले कुछ दिनों से किसानों के खेतों में मेड निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा है। राज्य तथा केंद्र सरकार के अंतर्गत मनरेगा योजना के तहत चलने वाले निर्माण कार्य के दौरान महिला एवं पुरुष को समान रूप से प्रतिदिन 289 रुपए वेतन मुहैया करवाया जा रहा है।

किसानों को लाभ

मनरेगा योजना के अंतर्गत काम करने वालों को लाभ तो मिला ही है इतना ही इस योजना का लाभ किसानों को भी मिला है। एक एकड़ क्षेत्र की सुविधा के लिए 10 हजार रुपए की लागत में मेड का निर्माण किया जा रहा है। किसानों के खेत में 10/10 गड्ढा खोदकर उससे निकली मिट्टी को मेंड पर डालते हैं। किसानों के जमीन से व्यर्थ बहने वाली पानी को रोकने में यह योजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस योजना के अंतर्गत 1050 श्रमिकों को रोजगार मुहैया करवाया जा रहा है। बीते सात दिनों से रोजगार गारंटी योजना के तहत कार्य चल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लगभग 90त्न लोगों को रोजगार मुहैया करवाया गया है।

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