ओडीएफ का फिर हो रहा प्रमाणीकरण

ओडीएफ का फिर हो रहा प्रमाणीकरण
-30 नवंबर तक प्रक्रिया पूर्ण करने में जुटे महानगर निगम अधिकारी
हुब्बल्ली

By: Zakir Pattankudi

Published: 27 Nov 2019, 07:16 PM IST

ओडीएफ का फिर हो रहा प्रमाणीकरण
हुब्बल्ली
शहर में स्वच्छ भारत अभियान को फिर गति दी जा रही है। इसके तहत खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) हुब्बल्ली-धारवाड़ की मान्यता के पुन: प्रमाणीकरण के लिए जुड़वां शहर में बकाया व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण करने में हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर अधिकारी तथा कर्मचारी जुटे हुए हैं।
केंद्र सरकार के आवास एवं शहरी मामलात मंत्रालय ने 7 फरवरी 2018 को हुब्बल्ली-धारवाड़ जुड़वां शहर को खुले में शौचमुक्त घोषित किया था। यह मान्यता जनवरी 2019 तक के लियूए घी। अब महानगर निगम को मान्यता की पुन; प्रमाणीकरण प्रक्रिया के लिए जाना है। 30 नवंबर तक इस प्रक्रिया को पूरा करना है, इसलिए महानगर निगम के ठोस कचरा प्रबंधन प्रभाग के अधिकारी व स्वास्थ्य निरीक्षक हर वार्ड में घूम रहे हैं।

शौचालयों का निर्माण करवाने की चुनौती

केंद्र सरकार की स्वच्छ भारत योजना के तहत जुड़वां शहर में अब तक 18 हजार 470 लाभार्थियों ने व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कर लिया है। 2014 में इस अभियान के तहत स्वीकृत आवेदनों के अनुसार 1975 जनों को अभी भी शौचालय का निर्माण करना चाहिए। पुन: प्रमाणीकरण के चलते बकाया शौचालयों का निर्माण करवाने की चुनौती महानगर के सामने है।

लाभार्थियों को तीन किश्तों में भुगतान

हर व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए लाभार्थियों को तीन किश्तों में कुल कुल दस हजार रुपए (घर से पास यूजीडी होने पर) दिया जाता है। यूजीडी मार्ग नहीं होने पर 15 रुपए (सेप्टिक टैंक निर्माण के लिए) निर्धारित किया गया है। पहले ही हुब्बल्ली-धारवाड़ जुड़वां शहर के लाभार्थियों को पहली तथा दूसरी किश्त की राशि के तौर पर कुल 9.45 करोड़ रुपए तथा तीसरी किश्त के तौर पर 1.61 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। तीसरी किश्त में 1.39 करोड़ रुपए भुगतान बकाया है। इसमें केंद्र, राज्य तथा महानगर निगम का हिस्सा शामिल है।

ओडीएफ की फिर घोषणा होगी

ओडीएफ पुनर प्रमाणीकरण प्रक्रिया को क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) समीक्षा करेगी। केंद्र सरकार के आवास एवं शहरी मामलात मंत्रालय को मूल्यांकनकर्ता के तौर पर नियुक्त किया है। 30 नवंबर के बाद क्यूसीआई प्रतिनिधि हुब्बल्ली-धारवाड़ आकर मौका मुआयना करेंगे। वाणिज्य स्टॉल, कच्ची बस्तियां, स्कूल-कालेज आदि जगहों का दौरा करेंगे। जियो मैपिंग के जरिए दस्तावेजीकरण करेंगे। अधिकतर दिसम्बर के आखिर में ओडीएफ की फिर घोषणा होगी।

फोटो स्वच्छ भारत पोर्टल पर अपलोड

आवेदन सौंपकर शौचालय निर्माण नहीं करने वाले 1975 लाभार्थियों में खुद की जिनकी जमीन नहीं ऐसे लगभग 500 जनों के नाम हटाया है। बकाया को नोटिस देने के बाद 823 लाभार्थियों ने शौचालय का निर्माण करवा रहे हैं। बकाया को निर्माण करना है। 30 नवंबर तक बकाया शौचालयों के निर्माण के फोटो स्वच्छ भारत पोर्टल पर अपलोड करना है।
-नयना केएस, पर्यावरण अभियंता, हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर निगम

Zakir Pattankudi Incharge
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