scriptPreamble of the third bench of Panchmasali society | पंचमसाली समाज की तीसरे पीठ की प्रस्तावना | Patrika News

पंचमसाली समाज की तीसरे पीठ की प्रस्तावना

पंचमसाली समाज की तीसरे पीठ की प्रस्तावना
-संगठन के चैरिटेबल ट्रस्ट का पंजीयन, नए अध्यक्ष की नियुक्ति
हुब्बल्ली

हुबली

Published: November 08, 2021 08:15:29 pm

पंचमसाली समाज की तीसरे पीठ की प्रस्तावना
हुब्बल्ली
राज्य में पहले से मौजूद पंचमसाली समाज की दो पीठों के विकल्प के तौर पर तीसरी पीठ की स्थापना के बारे में पृथक संगठन के मठाधीश एक और कदम आगे बढ़ाया है। वीरशैव लिंगायत पंचमसाली मठाधीश संगठन चैरिटेबल ट्रस्ट जमखंड़ी के नाम पर बागलकोट जिले के जमखंड़ी उपपंजीयन अधिकारी कार्यालय में शनिवार को पंजीयन करवाया गया है।
संगठन के अध्यक्ष के तौर पर बबलेश्वर गुरुपादेश्वर मठ के महादेव शिवाचार्य, उपाध्यक्ष के तौर पर बेंडवाडी मठ के मठाधीश तथा सचिव के तौर पर मनगूली हिरेमठ के संगनबसव स्वामी को नियुक्त किया गया है। ट्रस्ट पंजीयन के दौरान 15 से 18 मठों के पंचमसाली मठाधीश उपस्थित थे।
फिलहाल हरिहर तथा बागलकोट जिला हुनगुंद तालुक के कूडलसंगम में पंचमसाली समाज की दो पृथक पीठ हैं। इनके अलावा एक और पीठ का गठन करने के बारे में विभिन्न मठों के मठाधीश पंचमसाली समाज के मठाधीशों ने फैसला लिया है। इस बारे में कुछ बैठकें भी हुई हैं। पंचमसाली मठाधीशों का संगठन गठन के बाद भी संगठन के नाम पर ट्रस्ट का गठन कर अब इसका पंजीयन भी करवाया है।
पंचमसाली समाज की तीसरे पीठ की प्रस्तावना
पंचमसाली समाज की तीसरे पीठ की प्रस्तावना
आलगूर के आसपास जमीन खरीदने की उम्मीद

संगठन में गुरु परम्परा, विरक्त परम्परा, आरूढ, शिवानंद परम्परा वाले मठों को पंचमसाली समाज के मठाधीश हैं, राज्य में 70 से 80 मठाधीश हैं। इन सभी ने तीसरी पीठ गठन करने के बारे में मानसिक तौर पर सभी तैयारियां कर ली हैं। खास तौर पर यह पीठ जमखंडी तालुक में सिर उठाने के लक्षण नजर आ रहे हैं। तालुक के आलगूर के आसपास जमीन खरीदने की उम्मीद है।
लोग जहां फैसला लेंगे वहां हो सकता है

फिलहाल ट्रस्ट गठन का उद्देश्य लोगों को ***** दीक्षा देना, अच्छे आचार-विचार, युवाओं को सशक्त बनाने का कार्य किया जाएगा। एक और पीठ का गठन होगा तो वह कहां होगा? इस सवाल का जवाब देते हुए संगनबसव स्वामी ने कहा कि मठाधीशों के संगठन को अधिक प्रोत्साहन देने वाले बागलकोट, विजयपुर, बेलगावी, कलबुर्गी जिले हैं। सर्वाधिक परवाह करने वाले लोग बागलकोट जिले में हैं। इसके चलते तीसरा पीठ बागलकोट जिले में भी हो सकता है या फिर बकाया तीन जिलों में भी हो सकता है। लोग जहां फैसला लेंगे वहां हो सकता है।
एक और पीठ बनने पर गलत क्या है?

राज्य में 1.10 करोड़ पंचमसाली समाज के लोग हैं। लोगों के चाहने पर तीसरी पीठ का गठन हो सकता है कहकर पूर्व में ही बयान दिया था। इसके लिए अभी भी प्रतिबंध हैं। अब दो पीठ हैं, तीसरे पीठ की स्थापना होने पर गलत क्या है।
-संगनबसव स्वामी, सचिव, वीरशैव लिंगायत पंचमसाली मठाधीश संगठन चैरिटेबल ट्रस्ट, जमखंडी
समाज के विकास को प्राथमिकता

पंचमसाली समाज के विकास की दृष्टि से तीसरे पीठ के बनने में कोई गलत नहीं है। मौजूदा दो पीठ अलग-अलग कार्य कर रही हैं। हम संगठन के जरिए समाज के बच्चों में धार्मिकता, अध्यात्म को विकसित करने का कार्य करेंगे। संगठन के सभी मठाधीश समाज के विकास को प्राथमिकता देंगे।
-महादेव शिवाचार्य बबलेश्वर गुरुपादेश्वर मठ, अध्यक्ष, वीरशैव लिंगायत पंचमसाली मठाधीश संगठन चैरिटेबल ट्रस्ट, जमखंडी

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