scriptRangayana is promoting Indian art and culture | भारतीय कला व संस्कृति को बढ़ावा दे रहा है रंगायण | Patrika News

भारतीय कला व संस्कृति को बढ़ावा दे रहा है रंगायण

भारतीय कला व संस्कृति को बढ़ावा दे रहा है रंगायण

हुबली

Published: March 14, 2022 11:07:01 pm

भारतीय कला व संस्कृति को बढ़ावा दे रहा है रंगायण
-कॉलेज युवा रंगोत्सव का उद्घाटन
धारवाड़
कर्नाटक केन्द्रीय विश्वविद्यालय के जानपद विज्ञान एवं आदिवासी अध्ययन विभाग के प्राध्यापक रोहिणाक्ष शिर्लालु ने कहा है कि धारवाड़ के रंगायण में विभिन्न रंग गतिविधियों के जरिए भारतीय संस्कृति, कला तथा परम्पराओं को जीवित रखते हुए प्रोत्साहित करने का कार्य किया जा रहा है। इससे हमारी अगली पीढ़ी को हमारी संस्कृति के बारे में बता सकते हैं।
वे धारवाड़ के युवकों का रुख रंगभूमि की ओर नामक संदेश के साथ रंगायण में आयोजित 10 से 17 मार्च तक कॉलेज युवा रंगोत्सव के चौथे दिन के नाटक मंचन के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में रंगकलाओं को श्रोताओं से प्रोत्साहन नहीं मिल रहा है इसकी चिंता सभी व्यक्त कर रहे हैं, परंतु रंगायण अपनी विभिन्न क्रियाशील गतिविधियों तथा कालेज युवा रंगोत्सव के जरिए लोगों तथा कलाकारों को अपनी ओर आकर्षित करने में सफल हो रहा है। धारवाड़ रंगायण जानपद कलाओं तथा नाटक प्रदर्शनियों को आयोजित कर नए कलाकारों को उत्साह देकर प्रोत्साहित करना चाहिए।
अलनावर सरकारी प्रथम श्रेणी कालेज के प्राचार्य डॉ. सी.एन. होंबाळी ने कहा कि धारवाड़ के रंगायण में कालेज युवा रंगोत्सव में हमारी कालेज को चयनित कर कालेज के विद्यार्थियों को रंगमंच संबंधित जानकारी दी है। विद्यार्थियों को नाटक मंचन के बारे में प्रशिक्षण देकर एक उत्तम कलाकार बनाने का प्रयास किया जा रहा है जो अत्यंत संतोषजनक बात है।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए रंगायण के निदेशक रमेश परविनायकर ने कहा कि धारवाड़ के रंगायण में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर कलाकारों को अपनी कला को दर्शाने का मौका दे रहे हैं। इससे नए-नए कलाकार रंगभूमि की ओर उभर कर आ रहे हैं। कालेज युवा रंगोत्सव में सभी कॉलेज, प्राचार्य तथा नाटक निदेशकों ने सहयोग दिया है। विद्यार्थियों की ओर से नाटक का मंचन किया जा रहा है जिसको देख कर प्रोत्साहित करने के लिए युवजन, युवा कलाकार आदि को आगे आना चाहिए।
समारोह में मनोहर ग्रंथमाला के प्रकाशक समीर जोशी, नाटक के लेखक डॉ. मृत्युंजयस्वामी हिरेमठ आदि उपस्थित थे। फकीरप्पा मदनभावी ने कार्यक्रम का संचालन किया तथा अंत में आभार व्यक्त किया। डॉ. मृत्युंजयस्वामी हिरेमठ ने नाटक की रचना की। गायत्री हेग्गोडु ने निर्देशित कर सद्योन्मुक्ते नाटक का अलनावर सरकारी कालेज के विद्यार्थियों ने मंचन किया। 14 मार्च को डॉ. सुजाता अक्की ने रचना कर, महांतेश गजेंद्रगड के निदेशित रंग पारिजात नाटक का गुळेदगुड्ड, एस.एम. भंडारी कला महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने मंचन किया।
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