कोरोना के बाद महंगाई तोड़ रही जनता की कमर, गड़बड़ाया घरेलू बजट

आवश्यक वस्तुओं के दाम में बढोत्तरी के कारण घरेलू बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है। बढ़ती महंगाई के कारण अधिकतर लोगों के लिए अब दो जून की रोटी का जुगाड़ कर पाना भी मुश्किल हो गया है।

By: MAGAN DARMOLA

Published: 09 Jun 2021, 07:19 PM IST

नौकरियां भी छूटी, महंगाई से भी परेशान

हुब्बल्ली. पहले कोरोना सवा साल से लोगों की हिम्मत पस्त कर रहा है। उस पर -पेट्रोल-डीजल के दाम बढऩे से अनाज-दालें, फल-सब्जी सहित अधिकतर वस्तुएं महंगी हो गई हैं। कोरोना पहले ही करोड़ों लोगों की नौकरियां छीन चुका है, करोड़ों लोगों की जेब में एक धेला तक नहीं बचा है ऐसे में दिन ब दिन बढ़ती महंगाई ने आमजन की कमर तोड़ दी है। पेट्रोलियम कंपनियों की मनमानी भी नहीं थम रही है। प्रतिदिन पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि कर जले पर नमक छिड़कने का काम किया जा रहा है। पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढऩे से राशन और सब्जी से लेकर घरेलू सामान के भाव बढ़े हैं।

एक माह में 18 बार बढ़े पेट्रोल के दाम

कोरोना लॉकडाउन के बावजूद 4 मई से 4 जून तक 18 बार पेट्रोल, डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी की गई है। वर्तमान में शहर में पेट्रोल के दाम 97.92 रुपए प्रति लीटर तथा डीजल के दाम 90.81 प्रति लीटर है।

एलपीजी सिलेंडर और हुआ महंगा
बीते एक साल के भीतर 14.2 किलो एलपीजी सिलेंडर के दाम में 215 रुपए की बढोत्तरी हुई है। वर्तमान दिनों में बिना सब्सिडी के सिलेंडर का मूल्य 802 रुपए है। 19 किलो के वाणिज्य सिलेंडर के दाम 1701 रुपए हुए हैं। कोरोना की वजह से घरेलू सिलेंडर के मूल्य में चार बार 50 रुपए तथा एक बार 25 रुपए की बढ़ोत्तरी की गई है।

दालों के भाव छू रहे आसमान
दाल के दामों में तेजी से बड़ा इजाफा देखने को मिल रहा है। वर्ष 2020 अक्टूबर में अरहर दाल का मूल्य 90 रुपए प्रति किलो था अब 160 रुपए प्रति किलो है। व्यापारी आगामी दिनों में दाल के मूल्य में अधिक बढ़ोत्तरी होने की आशंका व्यक्त कर रहे हैं। इसी प्रकार उड़द की दाल का भाव 115 रुपए से बढ़कर 170 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुकी है। मसूर की दाल का भाव 70 रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़कर अब 90 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है।

खाद्य तेल के दाम बढ़े

सूरजमुखी, सोयाबीन, सरसों के तेल के दाम में 80 रुपए से बढ़कर 180 तक पहुंचे हैं। बीते 11 सालों मेें पहली बार खाद्य तेलों के दाम में इस प्रकार बढ़ोत्तरी हुई है। बीते एक साल में पाम तेल का भाव करीब दोगुना तक बढ़ा है।

पैकेज्ड फूड भी महंगा

यही कारण है कि अब स्नेक्स बनाने वाली कंपनियां अपने पैकेज्ड फूड आइटम्स के दाम में इजाफा करने को मजबूर हैं। एफएमसीजी सेक्टर की कंपनियों में भी पाम तेल की खपत होती है। इससे साबुन तक के दाम में 13 फीसदी तक इजाफा होने का अनुमान है।

हाशिए पर व्यापार
व्यापारियों का कहना है कि कोरोना लॉकडाउन की वजह से व्यापार-कारोबार हाशिए पर चले गया है। रोजगार के अवसर भी कम हो चुके हैं ऐसे में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं के मूल्य में हो रही बढ़ोत्तरी ने घाव पर नमक छिड़का है।

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