स्थाई खरीदी केंद्र स्थापित करें

स्थाई खरीदी केंद्र स्थापित करें
-रैय्यत सेना ने सरकार से की मांग
हुब्बल्ली

By: Zakir Pattankudi

Published: 18 Feb 2020, 08:55 PM IST

स्थाई खरीदी केंद्र स्थापित करें
हुब्बल्ली
रैय्यत सेना कर्नाटक के नेता वीरेश सोबरदमठ ने कहा कि किसानों की उगाई फसल को समर्थन मूल्य देने तथा स्थाई खरीदी केंद्र स्थापित करने की मांग को लेकर हर प्रकार के आंदोलन के जरिए सरकार को ज्ञापन सौंपा गया है। इस पर कार्रवाई करने में दोर होगी तो कानूनी तौर पर आंदोलन किया जाएगा।
शहर के पत्रकार भवन में मंगलवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सोबरदमठ ने कहा कि किसानों की फसल को समर्थन मूल्य तथा स्थाई खरीदी केंद्र स्थापित करने की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। इसके अलावा जिलाधिकारी समेत उपराष्ट्रपति तक ज्ञापन सौंपा गया है। 27 जनवरी को धारवाड़ तथा गदग जिले के किसानों ने धारवाड़ जिलाधिकारी कार्यालय के सामने किसानों की सभी फसलों को समर्थन मूल्य देने की मांग को लेकर नियमित प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। इस दौरान जिलाधिकारी दीपा चोळन ने शीघ्र प्रयास करने का आश्वासन दिया था। अगर उचित कार्रवाई करने में देरी होगी तो कानूनी तौर पर आंदोलन किया जाएगा।

महादयी मुद्दे के समाधान के लिए संसद को राशि दी है

सोबरदमठ ने कहा कि महादयी गेजेट नोटिफिकेशन जारी करने के चलते उत्तर कर्नाटक भाग के चार सांसदों के खाते में राशि जमा की है परन्तु राशि प्राप्त करने वालों ने किसी प्रकार का कोई कार्य नहीं किया है। इसके अलावा अपने व्यक्तिगत कार्य के लिए इसे इस्तेमाल किया है। महादयी गेजेट नोटिफिकेशन जारी करने के लिए इस भाग के सांसद प्रहलाद जोशी, सुरेश अंगडी, शिवकुमार उदासी, पीसी गद्दिगौडर के खातों में पांच-पांच हजार रुपए राशि जमा की गई थी। पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के कार्यकाल में दस हजार रुपए सरकार के खाते में जमा किए गए परन्तु सांसद पीसी गद्दिगौडऱ ने मात्र राशि लौटाई है। बकाया सांसदों ने नहीं लौटाई, व्यक्तिगत तौर पर इस्तेमाल करने का विश्वास है।
सोबरदमठ ने कहा कि महादयी नदी जल को मलप्रभा में बहाने वाली कलसा-बंडूरी नाला जोडऩे की योजना के बारे में तुरन्त अधिसूचना जारी करनी चाहिए। वरना अरब सागर में इच्छामृत्यु के लिए मौका देने की मांग को लेकर दिल्ली जाकर राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा। पूर्व में भी अधिसूचना जारी नहीं करने पर इच्छामृत्यु का मौका देने की मांग की गई थी परन्तु इस बार अरब सागर में ही मौका देने की मांग की जाएगी। स्थानीय तौर पर इच्छामृत्यु प्राप्त करने पर हमारी समाधि पर ही सैकड़ों संगठन जन्म लेंगे। इसके लिए मौका देना हमें पसंद नहीं है। महादयी जल के लिए आंदोलन कर मृत्यु प्राप्त किसानों की समाधि पर अभी भी कई संगठनों ने जन्म लिया है।
महादयी मुद्दे पर हर प्रकार के आंदोलन किए गए हैं परन्तु आंदोलन का दुरुपयोग करने के चलते महादयी मुद्दे के निस्तारण के लिए उच्चतम न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई है। इसके लिए 45 हजार रुपए खर्च हुए हैं। 28 फरवरी या फिर 2 मार्च तक उच्चतम न्यायालय में याचिका पर सुनवाई होने उम्मीद है। उच्चतम न्यायालय में कानूनी लड़ाई की खातिर अधिवक्ता को देने के लिए 1.5 लाख रुपए की जरूरत है। इसके चलते दानदाताओं को आर्थिक मदद के लिए आगे आकर हमारे आंदोलन में साथ देना चाहिए। राशि संग्रह नहीं होने पर धनवान किसानों से राशि जुटाई जाएगी। राजनेता धन देंगे तो नहीं लेंगे।
धारवाड़ एपीएमसी, हेब्बल्ली, उप्पिन बेटगेरी, हुब्बल्ली एपीएमसी मुख्य मार्केट, नूल्वी, हेबसूर, कुंदगोल एपीएमसी, यलिवाल, यरगुप्पी, अण्णिगेरी, नवलगुंद, मोरब, तिर्लापुर में स्थाई खरीदी केंद्र स्थापित करना चाहिए।
संवाददाता सम्मेलन में मल्लण्णा आलेकर, गुरु रायनगौडर, गंगण्णा ईरेशनवर, मुत्तु पाटील समेत कई उपस्थित थे।

Zakir Pattankudi Incharge
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