सरकारी स्कूलों को बचाने को प्रतिबद्ध हों शिक्षक

सरकारी स्कूलों को बचाने को प्रतिबद्ध हों शिक्षक
-विधान परिषद सदस्य बसवराज होरट्टी दी सलाह
-शिक्षक दिवस मनाया
हुब्बल्ली

By: Zakir Pattankudi

Published: 05 Sep 2019, 09:31 PM IST

सरकारी स्कूलों को बचाने को प्रतिबद्ध हों शिक्षक
हुब्बल्ली
विधान परिषद सदस्य एवं पूर्व शिक्षा मंत्री बसवराज होरट्टी ने कहा है कि राज्य में सरकारी स्कूलों को बचाने का कार्य होना चाहिए। आंकड़ों के अनुसार 22 हजार से अधिक स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति दस से कम है। शिक्षकों को अच्छी प्रकार से पढ़ाने के जरिए बच्चों को सरकारी स्कूलों में प्रवेश प्राप्त करने तथा स्कूलों की रक्षा के लिए प्रतिबध्द होना चाहिए।
होरट्टी शहर के आरएन शेट्टी कल्याण मंडप में हुब्बल्ली ग्रामीण क्षेत्र शिक्षाधिकारी कार्यालय की ओर से डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित शिक्षक दिवस कार्यक्रम में बोल रहे थे।

सावधानी के साथ पढ़ाएं

उन्होंने कहा कि स्कूलों में बच्चों का अनुपात कम होने के पहले असर का सामना शिक्षकों को करना पड़ेगा। इससे स्कूलों में अतिरिक्त शिक्षक होने से अनिवार्य तबादला या फिर अन्य जगहों पर नियुक्ति करने के हालात पेश आए हैं। वर्ष 2026 तक अधिकतर कन्नड़ स्कूलों के बंद होने का खतरा सता रहा है। इस आपदा से निपटने के लिए शिक्षकों को बेहद सावधानी के साथ पढ़ाना चाहिए। स्वयं प्रेरणा से अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिल करना चाहिए। समय को नहीं देखते हुए पढ़ाना चाहिए। संभव हो तो सुबह तथा शाम को अतिरिक्त कक्षाएं लेकर अच्छे नतीजे लाएं इस प्रकार बच्चों को तैयार करना चाहिए।

शिक्षकों के हितों की रक्षा करें

उन्होंने कहा कि अतिरिक्त शिक्षकों तथा तबादला नियमों में स्थित उलझनों को सरकार शीघ्र समाधान करेगी। शिक्षकों को नैतिक तौर पर दूसरों के लिए आदर्श होना चाहिए। कई संघों को स्थापित कर मतभेद बढ़ाने के बजाए सभी के हितों की रक्षा करने की दिशा में कार्य करना बेहतर है। कई लोग तबादलों को धंधा बनाकर विभाग में अनियमितता बरत रहे हैं। शिक्षकों द्वारा ही शिक्षकों का शोषण करना दुखद है। अधिकारियों को भी शिक्षकों के हितों की रक्षा करनी चाहिए।

आत्मावलोकन करें शिक्षक

होरट्टी ने कहा कि अभिभावक निजी स्कूलों की शरण में गए हैं। अंग्रेजी मीडियम के प्रति मोह बढ़ रहा है। सरकार ने कर्नाटक पब्लिक मॉडल स्कूलों को खोलकर अंग्रेजी मीडियम परिचित कराया है। स्कूलों में मध्याह्न भोजन व क्षीर भाग्य योजनाओं को लागू किया गया है। इन सबके बीच भी बच्चों की उपस्थिति घटी है। बच्चे ही स्कूलों के लिए आधार है, बच्चे नहीं होने पर स्कूल बंद किए जाते हैं। अतिरिक्त शिक्षकों की समस्या के साथ शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों को भी सरकारी स्कूल शिक्षक बनने का मौका नहीं रहा है। शिक्षकों को आत्मावलोकन करना चाहिए।
मणकवाड़ के गुरु अन्नदानेश्वर महामठ के सिध्दराम देवरु के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम में विधायक शंकर पाटील मुनेनकोप्प, कुसुमावती शिवल्ली, तालुक पंचायत की अध्यक्ष चन्नम्मा गोर्ला, उपाध्यक्ष गुरुपादप्पा कमडोल्ली, जिला पंचायत की सदस्य चन्नम्मा शिवनगौडऱ, तालुक पंचायत की सदस्य सरोज अलगवाडी, कल्लप्पा होलगेरी, फकीरव्वा हुल्लंबी, धारवाड़ जिला सार्वजनिक शिक्षा विभाग के आरएमएसए अधिकारी एनके सावकार, हुब्बल्ली क्षेत्र समन्वय अधिकारी एमआर गौरम्मा समेत विभिन्न स्कूलों के मुख्य अध्यापक व शिक्षक उपस्थित थे।

लैपटॉप वितरण

अच्छे अंक प्राप्त कुरडिकेरी सरकार हाईस्कूल की छात्रा चैत्रा रंगप्पा हुलमनी, अश्विनी मारुति उणकल तथा कुसुगल स्कूल की ज्योति महदेवप्पा तोलगबागी को शिक्षा विभाग की ओर से लैपटॉप दिया गया। एसएसएलसी परीक्षा में शतप्रतिशत उपलब्धि हासिल करने वाले स्कूलों के मुख्य अध्यापकों तथा सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

Zakir Pattankudi Incharge
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