हाईस्कूल से ही होनी चाहिए तकनीकी आधारित शिक्षा

हाईस्कूल से ही होनी चाहिए तकनीकी आधारित शिक्षा
-मुख्यमंत्री बसवराज बोम्माई ने दी सलाह
हुब्बल्ली

By: Zakir Pattankudi

Published: 06 Oct 2021, 08:20 PM IST

हाईस्कूल से ही होनी चाहिए तकनीकी आधारित शिक्षा
हुब्बल्ली
मुख्यमंत्री बसवराज बोम्माई ने कहा कि हाईस्कूल से ही तकनीकी शिक्षा देनी चाहिए। तकमनीकी शिक्षा आधारित स्कूलों को शुरू करना चाहिए। हुब्बल्ली क्षेत्र में नई तकनीकी उद्योग के विकास के लिए तुरन्त प्राथकिता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
आईटी-बीटी विभाग की ओर से आयोजित बियांड बेंगलूरु इनोवेशन एण्ड इंपैक्ट हुब्बल्ली कार्यक्रम का वर्चुअल तौर पर उद्घाटन कर बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1960 में ही हुब्बल्ली में तकनीकी हाईस्कूल था परन्तु बाद में इसे बंद किया गया। बच्चों में ग्रहण शक्ति अच्छी होती है, इस लिए तकनीकी शिक्षा पर अधिक जोर देना चाहिए। इसके चलते हाईस्कूल स्तर पर कुछ पृथक तकनीकी स्कूलों को शुरू करना उचित है।
उन्होंने कहा कि डेढ़ वर्ष में 150 आईटीआई कॉलेजों का उन्नयन किया गया है। पॉलिटेकनीक कॉलेजों को उन्नयन करने का कार्य होना चाहिए। अटल टिंकरिंग प्रयोगशाला का उन्नयन करने के जरिए बच्चों में अनुसंधन की भावना विकसित करनी चाहिए। उत्तर कर्नाटक में प्रतिभाएं हैं, जिन्हें मौका उपलब्ध करने की जरूरत है। पुणे आदि जगहों पर हुए आईटी-बीटी क्रांति में उत्तर कर्नाटक के प्रतिभाओं का योगदान महत्वपूर्ण है।
आईटी-बीटी मंत्री अश्वत्थनारायण ने कहा कि एआई (कृत्रिम बुध्दिमत्ता) तथा डाटा इंजीनियरिंग से संबंधित उत्कृष्ठता केंद्रों (एक्सलेंस सेंटर) को हुब्बल्ली में शीघ्र ही स्थापित किया जाएगा।
नई तकनीक के विकास के तहत विद्यार्थियों को तैयार करना राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) का उद्देश्य है। इसके तहत स्कूल स्तर पर आगामी वर्ष से बच्चों के लिए कोडिंग की पढ़ाई को पाठ्यक्रम का भाग बनाया जाएगा। नई तकनीक को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने प्रभावी कार्य नीतियों को जारी किया है। छात्रों की इंटर्नशिप अवधि तीन सप्ताह मात्र थी, अब तीस सप्ताह को बढ़ाया गया है। इंटर्नशिप के लिए विदेशों को जाने का भी मौका उपलब्ध किया गया है।
विधायक अरविंद बेल्लद ने कहा कि हुब्बल्ली क्षेत्र को हार्डवेयर उत्पादन स्थली के तौर पर विकसित करना चाहिए।
राज्य नवोद्योग दूरदर्शिता मंडल के अध्यक्ष प्रशांत प्रकाश ने कहा कि एआई (कृत्रिम बुध्दिमत्ता) तथा रोबोटिक आज हर क्षेत्र के संचालन शक्ति बने हैं। इसके चलते एआई आधारित कृषि प्रौद्योगिकी, जलवायु तकनीक, अंतरिक्ष तकनीक उद्योगों को हुब्बल्ली क्षेत्र में स्थापित करना उचित है।

टैब को यहीं पर तैयार करने के बारे में विचार करना चाहिए

कर्नाटक डिजिटल अर्थव्यवस्था मिशन (केडीईएम) के अध्यक्ष बीवी नायडु ने कहा कि अब सभी को ऑनलाइन शिक्षा उपलब्ध करने के लिए विद्यार्थियों को टैब देने की सरकार की योजना है। इसी दौरान टैब को चीन से या फिर और कहीं से आयात करने के बजाए यहीं पर तैयार करने के लिए क्या कर सकते हैं इस बारे में विचार करना चाहिए। बेंगलूरु के बाहर उद्योगों को स्थापित करने वाली कंपनियों को कर में छूट देने के जरिए प्रत्साहित करना चाहिए।
इस अवसर पर आईटी-बीटी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. ईवी रमणरेड्डी, केएलई तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अशोक शेट्टर, एकस कंपनी के सीईओ अरविंद मल्लिगेरी, डॉ. गुडसी, प्रो. महेश, संजीव गुप्ता, विवेक पवार, आईटी-बीटी विभाग की निदेशक मीना नागराज आदि उपस्थित थे।

Zakir Pattankudi Incharge
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