केन्द्र सरकार मुस्लिम विरोधी नहीं, हिंदू विरोधी है

केन्द्र सरकार मुस्लिम विरोधी नहीं, हिंदू विरोधी है
-डॉ. बी.आर. अम्बेडकर के पोते डॉ. प्रकाश अम्बेडकर ने कहा
-कर्नाटक विश्वविद्यालय में संवाद कार्यक्रम
धारवाड़

S F Munshi

January, 1608:41 PM

केन्द्र सरकार मुस्लिम विरोधी नहीं, हिंदू विरोधी है
धारवाड़
डॉ. बी.आर. अम्बेडकर के पोते डॉ. प्रकाश अम्बेडकर ने कहा है कि केन्द्र की भाजपा सरकार मुस्लिम विरोधी नहीं बल्कि हिंदू विरोधी है। वे धारवाड़ के कर्नाटक विश्वविद्यालय के डॉ. बी.आर. अम्बेडकर अध्ययन केन्द्र में आयोजित संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि बीते 70 सालों में जनता जागृत हो गई है। लोग राजनेताओं के सच और झूठ को समझ लगे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोगों को गुमराह करने वाले बयान नहीं देने चाहिए।
डॉ. अम्बेडकर ने कहा कि असम में एनआरसी के बाद यह आंकड़ा सामने आया कि इसमें 5 लाख मुस्लिम तथा 14 लाख हिंदू हैं। ऐसे में ३ करोड़ जनसंख्या वाले इस राज्य की स्थिति क्या हो सकती है आप ही विचार करें। जेएनयू हंगामे के पीछे हिंदू संगठन की ओर से वहां पर गुंडागिरी की जा रही है जिसका हम कड़ा विरोध करते हैं। यही आरएसएस का चेहरा है। आरएसएस कार्यकर्ता कहते हैं कि हमारी बात नहीं मानोगे तो पिटाई करेंगे। प्रसाद नामक व्यक्ति संविधान को जलाने की बात करता है। आरएसएस हिटलर की नीतियों पर चलता है। हमारे साथ नहीं आएंगे तो मारेंगे पीटेंगे की बात मुसोलिनी तथा हिटलर कहा करते थे। उसी रास्ते पर आरएसएस चल रही है।
डॉ. प्रकाश ने कहा कि वर्ष 2024 में लोकसभा के चुनाव होंगे। तब तक केन्द्र सरकार चलाना है। उसके लिए एनआरसी लाए हैं। इसी से आपातकाल लाकर लोगों को गिरवी रखने का कार्य कर रहे हैं। इससे पहले केन्द्रीय मंत्री अनंतकुमार हेगड़े ने देश के संविधान को ही बदलने की बात कही है। आरएसएस के दिल की बात उन्होंने कही है। हर 10 साल में एक बार जनगणना होती है। उसमें जनसंख्या का पता चलता है। देश में कई समस्याएं हैं। फरवरी में नए बजट को पेश किया जाएगा। सरकार के पास 11 लाख करोड़ रुपए ही हैं, परंतु सरकार चलाने के लिए 13 लाख करोड़ रुपए की आवश्यकता है। उनके पास उतना पैसा नहीं होने के कारण ऐसी हरकतें कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार वास्तविकता को छुपाने के प्रयासों में जुटी हुई है, जिसको हम जनता के सामने ले जा रहे हैं। लोग भी देश की आर्थिक स्थिति के बारे में बोल रहे हैं। देश में निर्माण हुई अराजकता बहुत दिन तक नहीं चलेगी।
विधायक प्रसाद अब्बय्या ने कहा कि निम्न वर्गों के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक विकास के लिए हम सभी को उदारता से सहायता करने की आवश्यकता है। पिछड़ों की जितना हो सके मदद करनी चाहिए। डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने भी यही विचार व्यक्त किए हैं।
कर्नाटक विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति डॉ. ए.एस. शिराळ शेट्टी, मूल्यांकन रजिस्ट्रार डॉ. एन.एम. साली, वित्त अधिकारी डॉ. आर.एल. हैदराबाद, एफ.एच. जक्कप्पनवर, पितांबरप्पा बीलार, परमेश्वर काळे, डॉ. बी.आर. अम्बेडकर अध्ययन विभाग के संयोजक डॉ. सुभाषचन्द्र नाटीकार, श्यामला रत्नाकर आदि उपस्थित थे।

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