चार सौ चालीस कोरोना मरीजों के शवों का किया संस्कार

चार सौ चालीस कोरोना मरीजों के शवों का किया संस्कार
-बल्लारी के एम. हुलुगप्पा की प्रशंसा
बल्लारी

By: Zakir Pattankudi

Updated: 20 Jun 2021, 12:36 PM IST

चार सौ चालीस कोरोना मरीजों के शवों का किया संस्कार
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कोरोना संक्रमण से मरने वालों के शव की विदाई सम्मानजनक तरीके से नहीं होती। संक्रमण की वजह से मरने वालों के शवसंस्कार करने से जहां संतान ही पीछे हट रही है वहीं कोरोना संक्रमितों के 440 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार शहर का वीरबाहु कहलाने वाले एम. हुलुगप्पा ने किया।
इक्यावन वर्षीय हुलगप्पा रूपनगुडी मार्ग पर स्थितहरिश्चंद्र घाट (श्मशान) में शव संस्कार का कार्य कर रहे हैं। शहर के म्यूनिसिपल माध्यमिक विद्यालय में दसवीं तक पढ़ाई करने के उपरांत 1992 में टैक्सी चालक बने। वर्ष 2004 से शहर के आर.के. अस्पताल में एम्बुलेन्स चालक के रूप में 2012 तक सेवा दी।
बाद में हरिश्चंद्र घाट (श्मशान) में शववाहक वाहन के चालक बने। श्मशान प्रबंधन समन्वयक के रूप से शवों का अंतिम संस्कार करते आए हैं। वे कोरोना की पहली लहर यानी कि 31 जुलाई 2020 से अभी तक 440 कोरोना संक्रमितों के शवों का संस्कार कर चुके हैं। तीन बेटी एक बेटे इस प्रकार चार संतानों के साथ जीवन व्यतीत करने वाले हलगप्पा अपने जीवन की परवाह किए बगैर शव संस्कार कर रहे हैं।
भले ही आज एम. हुलुगप्पा आज अनाथ शवों को सम्मानजनक तरीके से विदा कर रहे हों परंतु इन्हें कई कठिन हालात का सामना करना पड़ा। अपनी आपबीती सुनाते हुए वे कहते हैं कि जब घर के मालिक को उनके इस कार्य के बारे में पता चला तब उन्हें घर से बेदखल कर दिया गया। दूसरी जगह पर कईयों ने उन्हें किराए का मकान देने से इनकार कर दिया। एक भले आदमी ने उन्हें किराए का मकान दिया।
कई बार शव के साथ जब कोई नहीं आया तब वे स्वयं शव की पेटी ले जाकर संस्कार किया। हलगप्पा के इस कार्य की हर कोई प्रशंसा कर रहा है।

Zakir Pattankudi Incharge
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