वाणिज्यिक बंदरगाह निर्माण की मुश्किलें की जाएंगीस दूर

वाणिज्यिक बंदरगाह निर्माण की मुश्किलें की जाएंगीस दूर
-विधायक सुनील और दिनकर ने दिया आश्वासन
हुब्बल्ली

By: Zakir Pattankudi

Published: 12 Jul 2021, 10:22 AM IST

वाणिज्यिक बंदरगाह निर्माण की मुश्किलें की जाएंगीस दूर
हुब्बल्ली
भटकल-होन्नावर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुनील नाइक और कुमटा-होन्नावर विधानसभा क्षेत्र के विधायक दिनकर शेट्टी ने यहां स्थानीय मछुआरों को आश्वासन दिया कि कासरकोड टोंका में प्रस्तावित वाणिज्यिक बंदरगाह के निर्माण के दौरान सामने आ रही समस्याओं को हल करने और उनकी रक्षा करने को वे प्रयासरत हैं।
होन्नानर में एक संवाददाता सम्मेलन में दिनकर शेट्टी ने दस्तावेजी विवरण देते हुए कहा कि 2012 और 2017 के बीच, पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड को विभिन्न निर्माण चरणों के लिए स्वीकृति और अनुमति दी गई थी और जमीन तोडऩे की प्रक्रिया को अंजाम दिया गया था। विधायक शारदा शेट्टी और मनकल विद्या, जो उस समय कांग्रेस सरकार में थे, को मछुआरों के हितों के बारे में सोचना चाहिए था और स्थानीय मछुआरों और आम जनता के साथ यह तय करने के लिए चर्चा करनी चाहिए कि परियोजना की आवश्यकता है भी या नहीं।
परियोजना के चरणबद्ध चरणों के विवरण के अनुसार 2012 में पर्यावरण विभाग एवं सीआरजेड की स्वीकृति, 2013 में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की स्वीकृति, सरकार द्वारा 2014 में परियोजना का खाका तैयार हुआ। तकनीकी स्वीकृति के लिए 2015 से स्वीकृत परियोजना की मंजूरी, ब्रेकवाटर और ड्रेजिंग की मंजूरी, 2016 में कासरकोड ग्राम पंचायत से एनओसी मिली। टर्मिनल का निर्माण और 1000 केवी बिजली कनेक्शन के लिए कर्नाटक पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन को सारी मंजूरियां कांग्रेस के शासनकाल में दी गई। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने परियोजना की आधारशिला रखी और इसे हरी झंडी दी। इसका अर्थ यह हुआ कि उस समय विधानसभा के सदस्य मछुआरों और स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा करने में विफल रहे।
उन्होंने मनकल विद्या पर तथ्यों को छिपाकर मछुआरों को गुमराह करने का आरोप लगाया। केपीसीसी अध्यक्ष डीके शिवकुमार को गलतबयानी के लिए होन्नावर में मछुआरों को संबोधित करने के लिए तलब किया गया था। अगर उन्हें पता होता कि योजना को कांग्रेस सरकार ने मंजूरी दे दी है, तो वे यहां नहीं आते।
विधायक सुनील नाइक ने कहा कि पूर्व विधायक मनकल विद्या को मछुआरों के समर्थन में झूठा विरोध प्रदर्शन करने से बचना चाहिए। यदि मछुआरों में इतनी सहानुभूति और अपने हितों की परवाह होती तो उन्हें अपने समय में इस परियोजना को स्वीकृत होने से रोक देना चाहिए था। सुनील नाइक ने विद्या पर अपने स्वार्थ के लिए मछुआरों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

Zakir Pattankudi Incharge
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