कोरोना से जीती काफी की घाटी

रोना से जीती काफी की घाटी
-राज्य के लिए आदर्श बना चिक्कमगलूरु जिला
चिक्कमगलूरु

By: Zakir Pattankudi

Published: 23 Apr 2020, 01:41 PM IST

कोरोना से जीती काफी की घाटी
चिक्कमगलूरु
पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र चिक्कमगलूरु जिले ने कोरोना से जंग जीत ली है। इस तरह चिक्कमगलूरु अब राज्य के लिए आदर्श बन गया है।
देश में प्रथम कोरोना का मामला पाए गए केरल से चिक्कमगलूरु का गहरा नाता है। केरल के हजारों पर्यटक प्रतिमाह चिक्कमगलूरु जिले की सैर को आते हैं। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक भी अधिक हैं। थोड़ी सी भी चूक की होती तो अब तक चिक्कमगलूरु जिला कोविड-19 का हॉटस्पॉट बन सकता था परन्तु देश में लॉकडाउन होने से पहले ही सतर्क हुए जिला प्रशासन के कदमों की प्रशंसा हो रही है। जिले को कोरोनामुक्त रखने के लिए अब भी जिला प्रशासन मुस्तैदी से जिले की निगरानी कर रहा है।

सफल हुई रणनीति

जिलाधिकारी डॉ. बगादी गौतम मूलत: एक चिकित्सक हैं। कोरोना के खतरे को जानने के बाद उन्होंने तुरन्त स्वास्थ्य विभाग को सतर्क किया। जिला सर्वे अधिकारी डॉ. एचके मंजुनाथ के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरती। एक भी कोरोना पॉजिटिव का मामला नहीं होने पर भी जिले में एक साथ 1200 जनों का इलाज करने की व्यवस्था की थी जो सामान्य बात नहीं है। लॉकडाउन की घोषणा होने से पहले जिला प्रभारी मंत्री सीटी रवि ने अधिकारियों की बैठक कर होटलों व जॉर्ट में बुकिंग रद्द कराने के साथ अन्य जिलों व विदेशों से आने वालों का पता लगा कर क्वारेंटाइन करने की योजना बनाई थी। स्वास्थ्य, पुलिस, राजस्व, समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग समेत सभी विभागों के बीच सामंजस्य स्थापित कर जिला प्रशासन ने विदेश से आने वालों को त्वरित तौर पर पता लगाकर क्वारेंटाइन किया।
संदिग्धों के खून, बलगम के नमूनों को संग्रह कर त्वरित तौर पर रिपोर्ट मंगवाकर कोरोना नहीं होने की पुष्टि कर ली। विदेश से आए सभी 273 जनों ने 28 दिनों के होम क्वारेंटाइन को पूरा किया है, एक भी पॉजिटिव मामला सामने नहीं आने वाला राज्य का यह प्रथम जिला बना है।

पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण

कोरोना मुक्त जिला बनाने में पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण रही। कोरोना के खतरे की परवाह किए बिना दिन रात सडक़ों पर खड़े होकर कर्तव्य निभाने वाले पुलिस कर्मी बाहर से लोग नहीं आ सकें इस पर पैनी नजर रखते हुए चट्टान की तरह खड़े रहे। दूसरे जिलों से बचते बचाते हुए गुड्स वाहनों में आने वालों, एंबुलेंस में शहर में घुसने का प्रयास करने वालों का भी पता लगाकर क्वारेंटाइन किया। विदेश से आने वालों की सूची लेकर सभी का पता लगाकर होम क्वारेंटाइन कराने में स्वास्थ्य विभाग का साथ दिया। एक ओर स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना से लडऩे की तैयारी की तो दूसरी ओर पुलिस ने किसी को भी जिले में प्रवेश करने नहीं दिया। लॉकडाउन का पालन, चेकपोस्ट का प्रबंधन, वाहनों की जांच, बिना वजह घूमने वाले वाहनों को जब्त, देशी शराब तैयार करने के मामलों का पता, बाहरी जिलों को जाकर आने वाले वाहनों का सैनिटाइजिंग, एक साथ पेश आई चुनौतियों का डट कर मुकाबला किया। इनके साथ सफाई कर्मी, आशा कार्यकर्ताओं ने भी दिन रात मेहनत की।

Zakir Pattankudi Incharge
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