कोरोना का असर : सिनेमा घरों में अब हो रही शादियां!

विकराल रूप ले रही कोरोना की दूसरी लहर से बचाव के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देश के तहत सिनेमाघरों में भी मात्र 50 प्रतिशत सीटों पर दर्शकों को बैठने की अनुमति है। इस निर्णय से सिनेमाघरों के मालिकों की चिंता बढ़ गई है। सरकार के निर्णय के बाद करीब दस सिनेमाघरों को कल्याण मंडप के तौर पर परिवर्तित किया गया है।

By: MAGAN DARMOLA

Published: 21 Apr 2021, 08:13 PM IST

कोप्पल. कोरोना महामारी की चपेट में पूरा देश है। इसके चलते राज्य सरकार ने सख्त नियमों को लागू करने का फैसला लिया है। राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देश के तहत सिनेमाघरों में भी मात्र 50 प्रतिशत सीटों पर दर्शकों को बैठने की अनुमति है। इस निर्णय से सिनेमाघरों के मालिकों की चिंता बढ़ गई है। सरकार के निर्णय के बाद करीब दस सिनेमाघरों को कल्याण मंडप के तौर पर परिवर्तित किया गया है।

इसके अलावा कोप्पल के पुराने तथा हाल ही में नवीनीकरण हुए कनकाचल सिनेमाघर को अब पूरी तरह धराशायी किया जा रहा है। कोप्पल के कुल पांच सिनेमाघरों में अब मात्र तीन सिनेमाघर ही कार्यरत हैं। स्टार सिनेमाघर को लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी दर्शकों की कमी के कारण शुरू नहीं किया गया। जिले में कुल 32 सिनेमाघरों में से मात्र 17 सिनेमाघरों में ही फिल्में चल रही हैं।

सीमित दर्शक ही पहुंच रहे सिनेमाघर

सिनेमाघर के एक कर्मचारी ने बताया कि कृष्णा टाकीज में पिछले शुक्रवार को ही फिल्म रिलीज हुई है। यहां के दुपहिया वाहन पार्किंग स्टैण्ड को देखने पर पता चलता है कि दर्शकों की संख्या कितनी है। एक शो के लिए 10 से 15 जने ही फिल्म देखने के लिए आ रहे हैं। फिल्म अच्छी होने पर भी लोग सिनेमाघरों की ओर नहीं आ रहे हैं। ऐसा ही रहा तो सिनेमाघर के श्रमिकों का हाल क्या होगा। साथ ही सरकार के नियम भी इसी प्रकार जारी रहे तो हमारा जीवन और कठिन हो जाएगा। सभी सिनेमाघरों के हालात और वहां कार्य कर रहे श्रमिकों का जीवन मुश्किल बना हुआ है। इसके लिए सरकार की ओर से जारी सख्त नियम तथा श्रोताओं की कमी कारण है।

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