हरियाली से लहलहाएंगी जुड़वां शहर की सड़कें

हरियाली से लहलहाएंगी जुड़वां शहर की सड़कें
-सड़क विभाजकों के बीच पेड़ लगा रहा महानगर निगम
हुब्बल्ली

हरियाली से लहलहाएंगी जुड़वां शहर की सड़कें
हुब्बल्ली
हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर के सौंदर्यीकरण तथा हराभरा माहौल निर्माण करने की दिशा में महानगर निगम सड़क विभाजक (डिवायडर) में पेड़ लगाने का फैसला लिया गया है, जिससे महानगर में प्रवेश करने वाली प्रमुख सड़कें हरियाली से लहलहाएंगी।
महानगर को प्रवेश करने वाली प्रमुख सड़कों में सुधार नजर आ रहा है। इसके लिए पूरक तौर पर थोड़ा हराभरा स्पर्श देने से सड़कों की सुंदरता अधिक बढ़ेगी और शहर का सौदर्य और अधिक बढ़ेगा इस कारण सड़क विभाजकों के बीच विभिन्न प्रजाति के पैड़-पौधे लगाने के साथ लॉन उगाने का महानगर निगम ने फैसला लिया है। प्रथम चरण में महानगर की दो सड़कों का चयन कर बेंगलूरु मूल की नर्सरिमेन को-ऑपरेटिव सोसायटी को निविदा दी गई है। इसके चलते लैमिंगटन रोड के विभाजक में पेड़ लगाए गए हैं।
महानगर निगम के हसिरु उसिरु योजना के तहत इस कार्य को किया जा रहा है। प्रथम चरण में महानगर की प्रमुख सड़क लैमिंगटन रोड तथा हवाई अड्डा रोड का चयन किया गया है और पेड़ लगाने का कार्य आरम्ब हुआ है। डॉ. बीआर अम्बेडकर सर्कल से संगोल्ली रायण्णा सर्कल, हवाई अड्डे से होसूर सर्कल तक पेड़ लगाने का फैसला गया है परन्तु लोक निर्माण विभाग की ओर हवाई अड्डा रोड पर सड़क विभाजक निर्माण तथा मरम्मत कार्य किया जा रहा है इस कारण अक्षय पार्क तक पेड़ लगा कर बाद में इसे जारी रखने की योजना है।

महानगर निगम को लेनी होगी जिम्मेदारी

पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि शहर की सभी प्रमुख सड़कों के विभाजकों में पेड़ लगाने की योजना गठित की गई है। शीघ्र ही कुसुगल रोड पर लगभग 14 लाख रुपए लागत की योजना अमल में आएगी। इसके बाद धारवाड़ के केसीडी कॉलेज रोड हरियाली से लहलहाएगा। अब पेड लगाए जा रहे सड़क विभाजकों में पूर्व में इसी योजना के तहत पेड़ लगाने के बाद भी रखरखाव की कमी, सड़क मरम्मत कार्य से सड़क विभाजक समेत पेड़ भी नहीं रहे। अब ठेका प्राप्त संस्था एक वर्ष तक रखरखवा का कार्य करेगी। इसके बाद रखरखाव का जिम्मा किसका होगा यह सवाल पैदा हुआ है। महानगर निगम को इस दिशा में भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

पेड़ो की चोरी का भय

अधिकारयों का कहना है कि हालही में उद्घाटन हुए टेंडर श्योर सड़क के विभाजक में लगाए गए पेड़ों को चुराने की समस्या बढ़ गई थी। आरम्भ में पेड़ों की निगरानी के लिए सुरक्षा कर्मी को नियुक्त करने की स्थिति आई थी। रात्रि के समय आसपास के लोग पेड़-पौधों को उखाड़ कर ले जाते थे, जो महानगर निगम अधिकारियों के लिए सिर दर्द बना हुआ था। अब यहां के पेड़ों की स्थिति क्या होगी यह महानगर निगम अधिकारियों तथा ठेकेदारों के लिए चिंता का विषय बना हुआ था। अब पेड़ तथा पौधे सभी नर्सरियों में कम दाम में मिल रहे हैं। महानगर निगम के इस कार्य के लिए लोगों को सहयोग देना चाहिए।

38.8 लाख रुपए लागत

लैमिंगटन रोड तथा हवाई अड्डा रोड पर रॉयल फार्म, फागेडिल ब्रीडिंग प्रजाति के पेड़ लगाकर बीच में झाड़ी की तरह उगने वाले पौदों को लगाया जा रहा है। इन दो सड़कों पर लगभग 14 हजार पेड़ तथा पौधे लगाए जा रहे हैं। इसके लिए लगभग 38.8 लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं। अब चयनित किए गए पेड़ तथा पौधों को सड़क विभाजकों से किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होगा। साथ ही मवेशी नहीं खा सके इस प्रकार के पौधों व पेड़ों पर अधिक जोर दिया गया है। कुछ जगहों पर विभाजक खराब होने पर इन्हें मरम्मत करवाकर पौधे लगाने का कार्य किया जा रहा है।

पेड़-पौधों की रक्षा करनी चाहिए

हसिरु उसिरु योजना में शहर के सौदर्यीकरण तथा हराभरा करने के लिए अधिक जोर दिया गया है। महानगर के प्रमुख सड़कों को हसिरु उसिरु योजना में शामिल करने की योजना है। महानगर निगम आयुक्त के मार्गदर्शन के तहत और अधिक कार्य किए जाएंगे। लोगों की सहभागिता के बिना किसी भी योजना का सफल होना संभव नहीं है। लगाए गए पेड़-पौधों की रक्षा करनी चाहिए।
-ई. तिम्मप्पा, अधीक्षक अभियंता, हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर निगम

Zakir Pattankudi Incharge
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