सहकारिता बैंकों का आयकर माफ करें

सहकारिता बैंकों का आयकर माफ करें
-विधायक एचके पाटील ने की मांग
हुब्बल्ली

सहकारिता बैंकों का आयकर माफ करें
हुब्बल्ली
विधायक एवं पूर्व मंत्री एचके पाटील ने कहा है कि केंद्र सरकार निजी बैंकों के मुकाबले सहकारिता बैंकों पर अधिक आयकर लगा कर धोखा दे रही है, जिसे तुरन्त रोकना चाहिए। सहकारिता बैंकों के आयकर को माफ किया जाना चाहिए।
दाजिबान पेट स्थित एसएसके को-आपरेटिव बैंक के मुख्य कार्यालय में निर्मित नए सभाभवन का उद्घाटन करते हुए पाटील ने कहा कि केंद्र सरकार लाभ प्राप्त करने वाले निजी बैंकों तथा कार्पोरेट बैंकों को 20 प्रतिशत आयकर लगाती है परन्तु सहकारिता बैंकों पर 30 प्रतिशत आयकर लगाती है। ये भेदभाव दूर करना चाहिए। इस सहकारिता बैंक की 25 करोड़ रुपए जमा राशि है, आगामी वर्ष होने वाले बैंक के शताब्दी उत्सव तक 50 करोड़ रुपए जमा राशि संग्रह करनी चाहिए। शताब्दी उत्सव के समापन समारोह तक सौ करोड़ रुपए जमा पूंजी होनी चाहिए।
बंद होने की हालत में पहुंचे एसएसके बैंक के पुनरुत्थान के लिए परिश्रम करने वाले नेता वसंत लदवा, विट्ठल लदवा आदि को समाज को सदा याद रखना चाहिए।

इसका किया सम्मान

कार्यक्रम में बालचंद्र नाकोड, डॉ. ऋषिका हबीब तथा प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर कर्नाटक प्रांतीय एसएसके समाज के मानद सचिव शशिकुमार मेहरवाडे, एसएसके को-आपरेटीव बैंक के अध्यक्ष विट्ठल पी. लदवा, उपाध्यक्ष नारायण जरतारघर, निदेशक नारायण बद्दी, अर्जुन अथणी, दीपक मगजिकोंडी, कृष्णा एन काटिगर, प्रकाश बुरबुरे, नारायण खोडे, वसंत लदवा, रत्नमाला बद्दी, सरला भांडगे, सुरेश भांडगे, नीलुसा दलभंजन, सीईओ सुनील हनुमसागर आदि उपस्थित थे।

Zakir Pattankudi Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned