टोल की तरह पानी का भी निजीकरण

टोल की तरह पानी का भी निजीकरण
-हुब्बल्ली के बाकी 80 प्रतिशत इलाकों में लागू होगी योजना
हुब्बल्ली

By: Zakir Pattankudi

Updated: 12 Jul 2021, 10:01 AM IST

टोल की तरह पानी का भी निजीकरण
हुब्बल्ली
शहरवासियों के लिए जरूरत के हिसाब से नियमित शुद्ध जलापूर्ति योजना के दूसरे भाग का कार्य शीघ्र ही शुरू होगा। दूसरे भाग के विस्तार के लिए नई कंपनी आगे आई है।
प्रथम चरण में योजना कछुआ चाल चली। इससे यह योजना लोगों के गुस्से का शिकार हुई। अब नियमित जलापूर्ति योजना के दूसरे भाग में यह बकाया 80 प्रतिशत इलाकों में जारी होगी।

सही तौर पर जलापूर्ति नहीं होने के आरोप

राज्य सरकार विदेशी बैंकों से ऋण लेकर कलबुर्गी, बेलगावी तथा हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर निगमों के लिए 24 घंटे जलापूर्ति के लिए गठित योजना, कछुआ चाल में चली। प्रायोगिक तौर पर जारी किए गए वार्डों में समयसीमा पार होने पर भी लोगों को शुध्द तथा समुदाय के लिए सही तौर पर जलापूर्ति नहीं होने के आरोप भी हैं।

पेश आए सैकड़ों विघ्न

अब इन तीनों महानगर निगमों के बकाया 80 प्रतिशत वार्डों के लिए भी 24 घंटे नियमित जलापूर्ति करने की इस योजना के विस्तार के लिए दूसरी निजी कंपनी को निविदा दी गई है, फिर से इन तीन शहरों में सड़कों की खुदाई शुरू होगी। प्रायोगिक तौर पर जारी किए गए हर शहर में कोई ना कोई समस्या पेश आई है। कलबुर्गी-बेलगावी में पानी की गुणवत्ता सही नहीं है। हुब्बल्ली में जल संग्रहगारों की कमी पेश आई है, जिससे सभी वार्डों में योजना का विस्तार करने के लिए सैकड़ों विघ्न पेश आए हैं।

टोल की तरह पानी का निजीकरण

सरकार की इस योजना के सफल नहीं होने तथा धीमी रफ्तार के लिए इस सरकार के विभिन्न विभागों के बीच सामंजस्य की कमी ही प्रमुख कारण है। इस बिंदु को धारवाड़ के सीएमडीआर संस्था ने अपनी समीक्षा में पता लगाया है। पानी की बचत, शुध्द पेयजल आपूर्ति की उम्मीद पूरा करने के लिए सरकार को क्या करना चाहिए इसकी सलाह देने को भी तैयार है। ट्रीय राजमार्गों पर टोल संग्रह के लिए किए गए निजकरण की तरह अब पानी संग्रह-आपूर्ति को भी सरकार ने निजी कंपनियों को दिया है। वहीं जलापूर्ति कर लोगों से पानी का बिल संग्रह करेंगे। इसके चलते आगामी दिनों में यहां के जल मंडलियों (वाटर बोर्ड) का कार्य खत्म हो जाएगा और जल मंडलियों को ताला लगना पक्का है।

735 करोड़ रुपए की योजना

हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर निगम कार्य क्षेत्र के लिए 360 करोड़ रुपए, बेलगावी 220 करोड़ रुपए तथा कलबुर्गी के लिए 150 करोड़ रुपए लागत का आकलन किया गया था। इसमें 367 करोड़ रुपए निजी कंपनी से, 147 करोड़ रुपए केंद्र सरकार तथा 147 करोड़ रुपए राज्य सरकार के साथ स्थानीय महानगर निगम की ओर से 73 करोड़ रुपए इस्तेमाल करने की योजना है।

Zakir Pattankudi Incharge
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