केन्द्र व राज्य सरकारों की किसान विरोधी नीतियों की करेंगे निंदा

केन्द्र व राज्य सरकारों की किसान विरोधी नीतियों की करेंगे निंदा

By: S F Munshi

Updated: 13 Sep 2021, 11:40 PM IST

केन्द्र व राज्य सरकारों की किसान विरोधी नीतियों की करेंगे निंदा
-वरिष्ठ सामाजिक आंदोलनकारी कागोडु तिम्मप्पा ने कहा
सिरसी-कारवार
वरिष्ठ सामाजिक आंदोलनकारी कागोडु तिम्मप्पा ने कहा है कि केन्द्र और राज्य सरकारों की किसान विरोधी नीतियों की निंदा करने के निर्णय के साथ वनवासियों की रक्षा के लिए हमारा संगठन प्रतिबद्ध है।
वे सिरसी में वन भूमि अधिकार आंदोलनकारी मंच के कार्यालय परिसर में 'तीस वर्ष अरण्य भूमि अधिकार आंदोलन-एक अवलोकनÓ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि वनवासियों में सामाजिक जागरूकता पैदा करने के लिए ग्रामीण स्तर में जागृति कार्यक्रम आयोजित करना, वनवासियों को वन कर्मियों से बेदखल करने का विरोध करना, उच्च एवं सर्वोच्च न्यायालयों में वनवासियों के संरक्षण के लिए दाखिल याचिका में कड़ा रुख अपनाना, राज्य भर में चल रहे आंदोलन को कागोडु तिम्मप्पा के नेतृत्व में जारी रखना आदि निर्णय बैठक में लिए गए हैं।
तिम्मप्पा ने कहा कि राज्य में निरंतर 30 वर्ष से उत्तर कन्नड़ जिले का वन भूमि आंदोलन राज्य के लिए आदर्श बना हुआ है। वनवासियों के अधिकार प्राप्त होने की दिशा में आंदोलन अनिवार्य है। आंदोलन कड़ा करने पर ही भूमि अधिकार मिलना संभव है। वन अधिकार विधेयक वनवासियों के समर्थन में होने के बावजूद प्रशासनिक समस्या तथा इच्छा शक्ति की कमी के कारण वनवासी भूमि अधिकार से वंचित हो रहे हैं।
होराटगार वेदिके की ओर से 30 वर्षों में किए गए 6 पदयात्राओं में खाली पैरों से 6 पदयात्रा करने वाले दैवगौडा हुक्कली को कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। रवींद्र नायक, रमेश हेगडे, श्रीनिवास सागर, प्रजाशक्ति बोरय्या, के. रामु, शंकर वाल्मीकि, रमानंद नायक, पांडु नायक, रिजवान शेख, सीताराम गौडा, इब्राहिम नबीसाब, राजु नरेबैल आदि उपस्थित थे।

S F Munshi Reporting
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