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छह महीने में तैयार की गिरनार की पेंटिंग, याशिका जैन को केनवास पेंटिंग में महारत हासिल

locationहुबलीPublished: Dec 12, 2023 01:43:48 pm

अब बच्चों को सिखा रही पेंटिंग की बारीकियां

उभरती प्रतिभा

याशिका जैन

Yashika Jain
Yashika Jain
याशिका जैन ने केनवास पेंटिंग में विशेष पहचान बनाई है। वह केनवास पेंटिंग, मिनिएचर पेंटिंग, पेंसिंल पोट्रेट, कलर पेंसिंल पोट्रेट बनाती है। अब वह खुद छोटे बच्चों को पेंटिंग की बारीकियां सीखा रही हैं। वह खुद रोजाना तीन से चार घंटे पेंटिंग में बिताती है। वह अपना भविष्य पेंटिंग के क्षेत्र में बनाने की इच्छुक है। केनवास पेंटिंग में याशिका की खास दिलचस्पी है। पुराने जमाने में भी केनवास पेंटिंग अधिक की जाती थी। वे अब तक करीब एक दर्जन पेंटिंग तैयार कर चुकी है। इनमें गिरनार की एक पेेंटिंग को बनाने में करीब छह महीने का समय लगा। पालीताणा की एक पेंटिंग भी करीब एक महीने में पूरी की। इसके साथ ही नेमीनाथ भगवान समेत अन्य पेंटिंग तैयार की है। हाल ही में याशिका ने पीओपी एम्बोस पेंटिंग बनाई हैं जिसमें एक मंदिर एवं प्रकृति को दर्शाया है। वह कहती हैं, पेंटिंग में बारीकी से काम करना पड़ता है। याशिका ने मदीना लक्ष्मेश्वर से पेंटिंग की बारीकियां सीखीं है। वह अब पलक झपकते पेंटिंग तैयार कर लेती है।
बचपन से रूचि
पिछले दिनों जीतो की ओर से आयोजित प्रदर्शनी के दौरान पेेंटिंग की स्टाल लगाई। इससे पहले युवा-टाइकॉन में भी पेंटिंग की प्रदर्शनी लगा चुकी है। याशिका कहती है, मुझे बचपन से ही पेंटिंग में रूचि रही है। स्कूल स्तर पर कई पेंटिंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान मृदा बचाओ विषय पर वॉल पेंटिंग की। इस प्रतियोगिता में पुरस्कार व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस पेंटिंग को काफी सराहना मिली। याशिका राजस्थान के जालोर जिले के रेवतड़ा की रहने वाली है। पिता श्रीपाल जैन मांडौत बिजनसमैन है। माता कुसुम मांडौत गृहिणी है। याशिका ने बीबीए (मार्केटिंग) तक पढ़ाई की है।
पेंटिंग से एकाग्रता
याशिका कहती है, कोविड के समय भी मैंने कई पेेंटिंग तैयार की। उस दौरान काफी समय मिल जाता था। यह वह दौर था जब पेंङ्क्षटग को बारीकी से समझने का अवसर भी मिला। वे कहती हैं, पेंटिंग हमें कई चीजें सिखा देती है। एकाग्रता, लगन के गुण हम पेंटिंग के जरिए सीख सकते हैं। पेंटिंग हमें धैर्य सिखाती है। पेंटिंग हमें निखारने का काम करती है। पेंटिंग बनाने के बाद जो संतुष्टि मिलती है उसे हम शब्दों में बयां नहीं कर सकते हैं।

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