युवा लें दहेज न लेने की शपथ

युवा लें दहेज न लेने की शपथ
युवा लें दहेज न लेने की शपथ

S F Munshi | Updated: 11 Oct 2019, 08:59:25 PM (IST) Hubli, Dharwad, Karnataka, India

युवा लें दहेज न लेने की शपथ
-वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश चिण्णन्नवर ने किया आह्वान
धारवाड़-हुब्बल्ली

युवा लें दहेज न लेने की शपथ
धारवाड़-हुब्बल्ली
वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश चिण्णन्नवर आर.एस. ने कहा है कि युवाओं को दहेज का विरोध करने के साथ बाल विवाह निषेध की शपथ लेनी चाहिए। वे धारवाड़ के बासेल मिशन बालिका माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार को जिला कानून सेवा प्राधिकरण, सार्वजनिक शिक्षा विभाग, धारवाड़ अधिवक्ता संघ तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस एवं जिले के माध्यमिक स्कूल विद्यार्थियों के लिए कानून साक्षरता कार्यक्रम का उद्घाटन कर बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि कड़ी कानून व्यवस्था, साक्षरता विस्तार तथा आपराधिक गतिविधियों के बारे में जागरूकता पैदा की जा रही है। दहेज प्रताडऩा, बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं के बारे में शिकायतें मिल रही हैं। इसके चलते हर बालिका को दहेज का विरोध करना चाहिए। बाल विवाह निषेध की सबको शपथ लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्राचीन जमाने से स्त्री को विशेष दर्जा प्राप्त है। पिछले कुछ दशकों से विभिन्न सामाजिक कारणों से दहेजप्रथा, बाल विवाह आदि के चलते समाज का कलंक बने हुए हैं। बालिका सबलीकरण के लिए न्यायपालिका, सरकारों आदि की ओर से विविध सहायता व विधेयकों को जारी करने के बावजूद पूर्ण मुआवजा नहीं मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी व जिला पुलिस अधीक्षक आदि महिला अधिकारी जिले का नेतृत्व कर रही हैं। वे अनुशासनात्मक तथा दक्षता से प्रशासन चला रही हैं। ऐसे अधिकारियों को अपना आदर्श मान कर हर छात्रा को सफलता की ऊंचाइयों को छूने का प्रयास करना चाहिए। हर बालिका को जीवन में एक लक्ष्य होना चाहिए। केन्द्र सरकार के बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ आंदोलन, सुकन्या समृद्धि योजना, छात्राओं को दी जाने वाली विशेष स्कॉलरशिप का इस्तेमाल कर स्वतंत्र व्यक्तित्व का निर्माण करना चाहिए।
न्यायाधीश ने कहा कि छात्राओं को किसी प्रकार की प्रताडऩा आदि समस्या होने पर तुरंत महिला हेल्पलाइन नंबर-1091 या बच्चों के हेल्पलाइन नंबर-1098 पर कॉल करना चाहिए। इसके अलावा जिला न्यायालय में स्थित कानून सेवा प्राधिकरण को संपर्क करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दहेज देने या लेने के बारे में, बाल विवाह, महिला प्रताडऩा, यौन प्रताडऩा, छेडछाड, पारिवारिक प्रताडना, अन्य धमकी, शिक्षा से वंचित करना आदि को संबंधित समस्याएं होने पर कानून प्राधिकरण में शिकायत करना चाहिए। इसकी सूचना देने वालों का नाम गुप्त रखा जाएगा। कानून साक्षरता कार्यक्रमों से जिले के शहर तथा ग्रामीण इलाकों के कुल 76 माध्यमिक स्कूलों में पैनल अधिवक्ताओं से कानून सेवा प्राधिकरण कानून जागृति व सहायता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। छात्राओं को इसका लाभ उठाने के साथ अपने परिवार के सदस्यों तथा पड़ोसियों को भी इसकी जानकारी देनी चाहिए। हर बालिका को 18 वर्ष पूर्ण होने तक विवाह नहीं करने व दहेज प्रथा का विरोध करने की शपथ लेनी चाहिए।
कार्यक्रम में धारवाड़ अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बी.एस. घोडसे, शहर क्षेत्र शिक्षा अधिकारी ए.ए. काजी आदि ने विचार व्यक्त किए।
शहर बीआरसी समन्वय अधिकारी मंजुनाथ अडिवेर, सूचना एवं जन संपर्क विभाग के सहायक अधिकारी डॉ.एस.एम. हिरेमठ, बासेल मिशन बालिका माध्यमिक स्कूल के मुख्य अध्यापक ई.एस. तुमकूर आदि उपस्थित थे।
क्षेत्र शिक्षा अधिकारी विद्या नाडिगेर ने अतिथियों का स्वागत किया। शिक्षक कीर्तिवती ने कार्यक्रम का संचालन किया।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned