गोदावरी नदी में क्यों पलटी नाव? वजह आई सामने, चश्मदीद ने बयां किया खौफनाक मंजर

गोदावरी नदी में क्यों पलटी नाव? वजह आई सामने, चश्मदीद ने बयां किया खौफनाक मंजर
गोदावरी नदी में क्यों पलटी नाव? वजह आई सामने, चश्मदीद ने बयां किया खौफनाक मंजर

Prateek Saini | Updated: 15 Sep 2019, 10:13:53 PM (IST) Hyderabad, Hyderabad, Andhra Pradesh, India

Godavari River Accident: हादसे में बचने वालों की दास्तां सुनकर रौंगटे खड़े हो जाएंगे, इससे पहले भी गोदावरी नदी ( Godavari River ) में कई हादसे हुए जिनमें...

(हैदराबाद): रविवार को गोदावरी नदी एक बड़े हादसे की गवाह बनी। जिसने भी इस हादसे के बारे में सुना उसके रौंगटे खड़े हो गए। पूर्व गोदावरी जिले के देवीपाटनम क्षेत्र में कवीचूर के पास पर्यटकों से भरी नदी में पलटी और कई लोगों की जान चली गई। हादसे के पीछे के कई कारण सामने आ रहे हैं, जैसे कि...

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हादसे के प्रमुख कारण...

पिछले कुछ दिनों से गोदावरी नदी में 5.13 लाख क्यूसेक पानी छोडे जाने के कारण नदी उफान पर थी। साथ ही, नाव एक खतरनाक मोड़ से भी गुजर रही थी। पर्यटकों के नाव के एक तरफ जमा होने से बैलेंस बिगड़ने की बात भी सामने आ रही है। इससे पहले के हादसों में भी कमोबेश यही कारण रहे लेकिन एक कारण यह भी होता था कि क्षमता से अधिक पर्यटक बिठा लिए जाते थे।

 

हादसे में बचने वालों की आप बीती...

हादसे में बचने वाले एक यात्री ने बताया कि " वह अपने 13 साथियों के साथ वरंगल से आया था। जिनमें से सिर्फ 5 ही बच पाए हैं। नाव अचानक एक तरफ झुकी और पलट गई। हममें से कुछ नाव से कूदने लगे और कुछ गिरी हुई नाव पर चढ़ने लगे। नाव फिर झुकने लगी। हमने जो आसरा नजर आया उसे थामे रखा और बचने की हर मुमकिन कोशिश की। इस दौरान एक और नाव आई। अगर वो नाव न आती तो हमारा बचना मुश्किल था।

 

पहले भी हो चुके हैं भयावह हादसे...

बता दें कि, यह गोदावरी नदी पर हुआ पहला हादसा नहीं है। इससे पहले भी नाव पलटने वाले कई हादसे सामने आउ थे, जिसमें 1957 में हुआ हादसा गोदावरी नदी पर हुआ अब तक का सबसे बड़ा हादसा था। भद्राचलम में गोदावरी नदी पर हुए इस हादसे में 478 तीर्थयात्रियों की मृत्यु हो गई थी।

 

उसके बाद, 1970 में पापिकोंडलू क्षेत्र में एक नाव डूबी थी, जिसमें करीब 30 लोगों की मौत हुई थी। 2001 में चेरला क्षेत्र में एक नाव हादसे में 23 लोगों की मृत्यु हुई थी। 4 साल पहले भी गोदावरी पर एक बड़ा नाव हादसा हुआ था, जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी।

 

पिछले साल दो साल में भी कश्तियाँ डूबी हैं, तब सरकारों ने इस रास्ते पर नावों को नियंत्रित करने के लिए नियम बनाने की बात कही थी। यहां तक कि, इस मानसून के दौरान भी यहाँ नाव की आवाजाही बंद कर दी गई थी। इन दुर्घटनाओं के बाद रविवार को हुआ हादसा गोदावरी पर हुआ अब तक का दूसरा सबसे बड़ा हादसा है, जिसमें नाव पर 60 से अधिक यात्री सवार थे।

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