इस मंदिर में पूजा करने से मिलता है H-1B वीजा, रोज आते हैं हजारों लोग 

इस मंदिर में पूजा करने से मिलता है H-1B वीजा, रोज आते हैं हजारों लोग 

 हैदराबाद के चिल्कुर बालाजी मंदिर को 'वीजा टेंपल' भी कहा जाता है। यहां हर रोज हजारों भारतीय अमेरिकी वीजा पाने के लिए भगवान बालाजी की पूजा करते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से जल्द वीजा मिल जाता है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद यहां आने वाले लोगों की तादाद में बढ़ोतरी हुई है। 

हैदराबाद। हैदराबाद के चिल्कुर बालाजी मंदिर को 'वीजा टेंपल' भी कहा जाता है। यहां हर रोज हजारों भारतीय अमेरिकी वीजा पाने के लिए भगवान बालाजी की पूजा करते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से जल्द वीजा मिल जाता है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद यहां आने वाले लोगों की तादाद में बढ़ोतरी हुई है। बता दें कि ट्रंप ने हाल ही में एच-1बी वीजा पॉलिसी में बदलाव किया है। बड़ी संख्या में भारतीय एच-1बी वीजा हासिल कर ही अमेरिका में रोजगार के लिए जाते हैं। ऐसे में लोगों की चिंताएं और बढ़ गई हैं और वो जल्द वीजा मिल जाए इसके लिए पूजा-पाठ करने के लिए बालाजी की शरण में आ रहे हैं।

33 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर श्रीकांत ने 'एएफपी' को बताया कि कई बार अमेरिकी वीजा के लिए अप्लाई करने के बाद भी उनके हाथ असफलता लगी। पिछले दो सालों से ऐसा हो रहा था। लेकिन जैसे ही वो चिल्कुर बालाजी के मंदिर आया वीजा मिलने में आ रही मुश्किलें आसनी से दूर हो गईं। वो इसे किसी चमत्कार से कम नहीं बताते हैं। चिल्कुल मंदिर में हर हफ्ते एक लाख से ज्यादा श्रद्धालू आते हैं। ये लोग वीजा में हो रही देरी और अन्य कारणों से बालाजी की शरण में आते हैं।

500 साल पुराना है चिल्कुर मंदिर
यह मंदिर 500 साल पुराना है। यहां आने वाले श्रद्धालु भगवान को पासपोर्ट और नारियल चढ़ाते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि वीजा हासिल करने में आ रही दिक्कतें दूर हो सकें। श्रद्धालु 11 बार मंदिर के चक्कर लगाकर अपनी मन्नतें मांगते हैं। मन्नत पूरी होने के बाद श्रद्धालु फिर से मंदिर आते हैं और बालाजी की 108 बार परिक्रमा करते हैं।

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