जादू की झप्पी से नहीं बनने देना चाहते मामू

जादू की झप्पी से नहीं बनने देना चाहते मामू
NMC BILL:

Satyendra Porwal | Updated: 09 Aug 2019, 01:23:40 AM (IST) Hyderabad, Hyderabad, Andhra Pradesh, India

NMC BILL: नए नेशनल मेडिकल कमीशन का अजीबोगरीब मिशन। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI ) रद्द करके राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC ) गठन का मामला। आन्ध्रप्रदेश में डॉक्टरों की हड़ताल। सात दिन से स्वास्थ्य सेवाएं ठप।

(हैदराबाद). "राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग बिल (NMC BILL) के अनुसार ग्रामीण चिकित्सक छह महीने का कोर्स करके मरीज़ों के लिए दवाइयां लिख सकेंगे, वह किसी भी मरीज़ का इलाज कर सकते हैं. जबकि एमबीबीएस और पीजी 10 साल पढऩे के बाद डॉक्टर बनते हैं, वो छह महीने के बाद डॉक्टर बन जाएंगे। ऐसे में ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी और वो मरीज़ों से अधिक पैसे वसूल करने की कोशिश करेंगे। मुन्ना भाई की जादू की झप्पी से ही सारी बीमारियों का इलाज भी नहीं होता। रील व रियल लाइफ में काफी अन्तर है। इन सब स्थितियों को समझते हुए नए आयोग का गठन बहुत सोच-समझकर करना होगा। कई विरोधी बिन्दुओं के बीच केन्द्र से हस्तक्षेप की मांग व एनएमसी विधेयक की कमियों को दुरुस्त करने को लेकर जूनियर डॉक्टर सप्ताह भर से हड़ताल पर है। जूनियर डॉक्टर ने चिन्ता जताई कि यूं तो सरकार झोलाछाप जैसे कई फर्जी चिकित्सकों को रोकने के लिए समय-समय पर कार्रवाई करती है, लेकिन छह महीने की पढ़ाई के बाद कितने दक्ष चिकित्सक गांवों में उपलब्ध होंगे, जो कैसे गुणवत्तापूर्ण इलाज कर सकेंगे। बिल में यह स्पष्ट नहीं है। बिल पारदर्शिता के साथ बेहतर चिकित्सा सेवाओं वाला होगा तो देश के आम आदमी व भावी पीढ़ी के लिए बढिय़ा होगा। देशभर में जूनियर चिकित्सक इस मुद्दे को लेर हड़ताल पर हैं। आन्ध्रप्रदेश से खास रिपोर्ट...

बीआरटीएस रोड पर विशाल रैली निकाली
विजयवाड़ा. भारत में केन्द्र सरकार द्वारा पारित राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग बिल (NMC BILL) के विरोध में जूनियर डॉक्टरों ने विजयवाड़ा में बीआरटीएस रोड पर विशाल रैली निकाली। उन्होंने कहा कि एनएमसी बिल गरीब छात्रों को चिकित्सा शिक्षा से दूर करने के लिए है। उन्होंने मैनेजमेंट कोटे के 50 प्रतिशत सीट आवंटन का विरोध किया। अगर बिल वापस नहीं लिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

बिल की कमियों में संशोधन किया जाना चाहिए
नेल्लोर. नेशनल मेडिकल कमीशन बिल के विरोध में जूनियर डॉक्टरों ने शहर के कलक्ट्रेट कार्यालय के सामने धरना दिया। भारी संख्या में पहुंचे डॉक्टरों ने एनएमसी बिल वापिस लेने का नारा लगाया। उन्होंने कहा कि केन्द्र हस्तक्षेप करके एनएमसी विधेयक की कमियों दुरुस्त करें। बिल के खिलाफ नारे लगाते हुए रैली निकाली गई।

तिरुपति अस्पताल में मरीज परेशान
तिरुपति. जूनियर डॉक्टरों द्वारा एनएमसी बिल के खिलाफ हड़ताल पर जाने के बाद तिरुपति के अस्पताल में चिकित्सा सेवाएं ठप हैं। डॉक्टरों ने विधेयक को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। जूनियर डॉक्टरों सहित निजी डॉक्टर पिछले सात दिन से पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। डॉक्टरों की हड़ताल के कारण अस्पताल में मरीज गंभीर परेशान हैं। दूसरी ओर, जूनियर डॉक्टर केन्द्र के खिलाफ विरोध जारी रखे हुए हैं।

फैक्ट फाइल:
चिकित्सा शिक्षा में बड़े सुधार के मकसद से नेशनल मेडिकल कमीशन बिल लाया गया है। चिकित्सा शिक्षा को विनियमित करने वाली केंद्रीय मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI ) को रद्द करके इसकी जगह पर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) गठित किया जाएगा।

बिल में मुख्य विवाद वाला प्रावधान

-बिल के तहत छह महीने का एक ब्रिज कोर्स लाया जाएगा जिसके तहत प्राइमरी हेल्थ में काम करने वाले भी मरीज़ों का इलाज कर पाएंगे।छह महीने की पढ़ाई के बाद प्राइमरी हेल्थ के लिए डॉक्टर तो बना दिए जाएंगे लेकिन उन्हें रेगुलेट कौन करेगा?

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