सेना के जांबाज कर्नल संतोष को अश्रुपूरित नेत्रों से दी आखिरी विदाई

(Telangana News ) देश की रक्षा में अपनी जान( Martyr colonel Santosh) न्योछावर करने वाले वीर संतोष बाबू को लोगो ने अश्रुपूरित नेत्रों से आखिरी विदाई दी। भारत और चीन के सेनाओं (India-China conflict ) की बीच सोमवार को गलवान घाटी (Galwan valley ) में हिंसक झड़प में शहीद हुए कर्नल संतोष बाबू का गुरुवार को सेना और सरकारी सम्मान के साथ कसाराबाद फार्म हाउस में अंतिम संस्कार हुआ।

हैदराबाद(तेलंगाना)विक्रम जैन : (Telangana News ) देश की रक्षा में अपनी जान( Martyr colonel Santosh) न्योछावर करने वाले वीर संतोष बाबू को लोगो ने अश्रुपूरित नेत्रों से आखिरी विदाई दी। भारत और चीन के सेनाओं (India-China conflict ) की बीच सोमवार को गलवान घाटी (Galwan valley ) में हिंसक झड़प में शहीद हुए कर्नल संतोष बाबू का गुरुवार को सेना और सरकारी सम्मान के साथ कसाराबाद फार्म हाउस में अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान सेना के अधिकारियों ने शहीद संतोष बाबू श्रद्धांजलि अर्पित की। संतोष बाबू के पिता बी उपेंदर ने मुखाग्नि दी। 21 तोपों की सलामी दी गई। इनका अंतिम संस्कार कोविड-19 के नियमों के अनुसार किया गया।

पूरा शहर उमड़ पड़ा
गुरूवार को शहीद संतोष बाबू के निवास से अंतिम यात्रा शुरू हुई। वंदेमातरम् और संतोष बाबू जिंदाबाद के नारों के बीच अंतिम यात्रा निकाली। अंतिम संस्कार के मार्ग पर दोनों ओर हजारों की संख्या में खड़े होकर लोगों ने, संतोष बाबू जिंदाबाद, वंदेमातरम, संतोष बाबू अमर रहे के नारों से आसमान गुंजायमान कर दिया। अंतिम यात्रा के दौरान सभी की आंखों में आंसू झलक रहे थे। सूर्यापेट के सभी संस्थान और प्रतिष्ठान बंद रहे। इससे पहले शहर के गणमान्य लोगों ने संतोष बाबू के अंतिम दर्शन किये और श्रद्धांजलि अर्पित की।

गलवान घाटी में हुए थे शहीद
गौरलतब है कि भारत और चीन के सेनाओं की बीच सोमवार को गलवान घाटी में हिंसक झड़प में शहीद हुए कनग्ल संतोष बाबू का पार्थिव शव बुधवार रात को 12.30 बजे पैतृक गांव सूर्यापेट के विद्यानगर कॉलोनी लाया गया। लहराते राष्ट्रीय ध्वज और वंदेमातरम् नारों के बीच जिलाधीश, पुलिस अधीक्षक और मेजर जनरल और अन्य अधिकारियों ने जांबाज शहीद के शव की अगुवानी की।

शहर में छाया मातम
एंबुलेंस के साथ ही मंत्री जगदीश रेड्डी, संतोष बाबू के पत्नी और बच्चे भी सूर्यापेट पहुंच गये। पुलिस ने व्यापक बंदोबस्त किया है। शहर के सभी लोगों के आंखों में आंसू झलक रहे थे। महिलाएं और बुजुर्ग लोग शहीद संतोष को याद करते हुए फफक उठे। पूरे शहर मातम सा छाया गया।

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Yogendra Yogi Desk
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