मुफ्त का आम अचार खाने के मोह ने पूरे गांव को करा दिया क्वारेंटाइन

( Telangana News ) मुफ्त के चंदन ( Free mango pickles ) का लगाने का मोह इस गांव के लोगों को महंगा ( Villagers paying price of eating pickles ) पड़ गया। महबूबनगर के नवाबपेट ( Mango pickles ) मंडल स्थित एक गांव के सरपंच ने कुछ दिन पहले 4 हजार लोगों में आम पचड़ी (आचार) बंटवाया था। अब सामने आया है कि आचार बेचने वाला व्यापारी और इसे बनाने वाला कुक कोरोना पॉजिटिव पाए गए।

हैदराबाद(तेलंगाना): ( Telangana News ) गर्मी के मौसमें आम का ताजा अचार खाने ( Mango pickles ) का मन किसका नहीं करता। वह भी ऐसे में जब मुफ्त का चंदन बंट रहा हो, तब कौन ( Free mango pickles ) पीछे रहना चाहता है। यही मुफ्त के चंदन का लगाने का मोह इस गांव के लोगों को महंगा ( Villagers paying price of eating pickles ) पड़ गया। अब महबूबनगर के नवाबपेट मंडल स्थित एक गांव में खलबली मची हुई है। दरअसल गांव के सरपंच ने कुछ दिन पहले 4 हजार लोगों में आम पचड़ी (आचार) बंटवाया था। अब सामने आया है कि आचार बेचने वाला व्यापारी और इसे बनाने वाला कुक कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद 100 गांव वालों को होम क्वारंटीन में भेजा गया है।

सरपंच ने बंटवाया था अचार
सरपंच और उनके पति ने गांव के सभी घरों में आचार बांटने की योजना बनाई। वे आम आचार बनाने के लिए ट्रेडर से मिलने के लिए शादपुर गए थे। शादपुर कोल्लूर से 52 किमी दूर है। एक ट्रेडर ने आचार बनाने के लिए दो कुक का इंतजाम किया और वे गांव आए। सरपंच ने 12 लोगों को जुटाकर आम का आचार बनवाया।

दो क्विंटल आचार बांटा गया
इस दौरान दो क्विंटल आचार तैयार किया गया। कुछ लोगों ने उसी दिन आचार टेस्ट किया। कुछ लोगों ने दूसरे दिन आचार खाया जबकि कुछ जार में स्टोर करके आचार घर ले गए। गांववालों को जब पता चला कि ट्रेडर और एक कुक कोरोना पॉजिटिव पाए गए तो उनके होश उड़ गए। एक अधिकारी ने बताया, 'आचार बनाने के लिए ऑडज़्र मिलने से पहले कुक के साथ ट्रेडर हैदराबाद के ओल्ड सिटी में जियागुडा आया था। उनके सैंपल लिए गए जिसमें वे पॉजिटिव पाए गए।Ó

अब व्याप्त है जबरदस्त बैचेनी
लोगों को जैसे ही पता चला कि आम अचार बनाने वाले को कोरोना था, बस फिर क्या था अचार का स्वाद कसैला हो गया। कोल्लूर में वायरस के डर से लोगों ने अपनी दुकानें बंद कर दी है। गांव वालों ने संक्रमण के डर से आचार तक फेंक दिए। तेलंगाना में गर्मियों में आम का आचार काफी पसंद किया जाता है। 112 गांव वाले अपने घरों में कैद हैं। जिला मेडिकल एवं स्वास्थ्य अधिकारी (डीएमएचओ) डॉ. के कृष्णा ने बताया कि अभी तक कोई ग्रामीण पॉजिटिव नहीं निकला है।

अचार से नहीं होगा कोरोना
डीएमएचओ ने बताया, 'घबराने की जरूरत नहीं, स्थिति काबू में है। हां, कुछ गांव वाले आचार खाने के बाद से डरे हुए हैं लेकिन हमने उनकी काउंसलिंग कर उन्हें समझाया कि आचार खाने से उन्हें वायरस नहीं होगा।Ó

Corona virus
Show More
Yogendra Yogi Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned