बालोद. महिला एवं बाल विकास विभाग ने जिला मुख्यालय के सरयुप्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में गुरुवार को 90 जोड़े की शादी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत कराने का लक्ष्य रखा था, लेकिन सिर्फ 72 जोड़े ही शादी के लिए तैयार हो सके। वैदिक मंत्रों के साथ गायत्री परिवार के साधकों ने रीति रिवाज के साथ यह शादी करवाई। नव दाम्पत्य के बंधन में बंधे वर-वधुओं को महिला बाल विकास मंत्री अनिला भेडिय़ा और क्षेत्रीय विधायक संगीता सिन्हा ने आशीर्वाद दिया। वर-वधु को उपहार भी दिए। विभाग ने शादी को कोरोना गाइडलाइन के तहत आयोजित करने की बातें जरूर कही थीं, लेकिन यहां कई अधिकारी बिना मास्क के नजर आए।
सरकार की पहल पर कम खर्च में हो रही शादियां
मंत्री अनिला भेडिय़ां ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की भूपेश सरकार आने के बाद कई विकास कार्य हुए हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में भी राशि बढ़ाई गई है। शादी के लिए पहले मात्र 15 हजार रुपए देते थे, लेकिन कांग्रेस सरकार ने इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपए कर दिया। यह अच्छा आयोजन है। कम खर्च में ही शादी हो जाती है।

सरकार सभी वर्गों का रख रही ख्याल
विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि आज सरकार सभी वर्गों का ख्याल रख रही है। लेकिन मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने हर वर्ग को खर्चीली शादी से बचने बड़ी राहत दी है। क्योंकि हर कोई शादी में ज्यादा खर्च नहीं कर पाता, इसलिए खर्चीली शादी को रोक कम खर्च में ही शादी करने यह पहल सरकार ने की है।

आठवां वचन कुपोषण को दूर करने का लिया
गायत्री परिवार के साधकों ने इस सामूहिक विवाह में पति-पत्नी के बीच सुखमय जीवन जीने के लिए वर-वधु को सात वचन दिलवाए। वहीं मंत्री अनिला भेडिय़ा ने सभी जोड़ों को जिले को कुपोषण मुक्त जिला बनाने, गर्भवती महिलाओं की विशेष देखरेख व नवजात बच्चों की विशेष देखभाल करने का आठवां वचन दिलवाया, जिससे बच्चा कुपोषण से दूर रहे।

ट्रैक्टर से निकाली बारात
बीते माह जिले में कई दुर्घटनाए हुई, जिसमें मालवाहक में सवारी ढोते वाहन पलट गया था। इसके बाद पुलिस लगातार मालवाहकों में सवारी ले जाने वालों का चालान काट रही है। लेकिन गुरुवार को आयोजित शादी में विभाग की लापरवाही साफ नजर आई। मालवाहक ट्रैक्टर में ही दूल्हे को बैठाकर बारात भ्रमण कराकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचाया।

विभाग चूक पर जानकारी जुटाने में जुटे
महिला एवं बाल विकास विभाग सामूहिक शादी से पहले ही 90 जोड़ों को तैयार कर चुका था। इन लोगों के लिए शादी की तैयारी व समान की खरीदी भी हो चुकी थी। जब मंडप बनकर तैयार हुआ शादी शुरू हुई तो 18 जोड़े गायब मिले। ये जोड़े विवाह स्थल ही नहीं पहुच पाए। ऐसे में कम संख्या को देख विभाग भी हैरान रह गए। महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी हरिकीर्तन राठौर ने बताया कि हमने 90 जोड़े की शादी करने की तैयारी व पंजीयन किया था। लेकिन 72 जोड़े की ही शादी करा पाए, लेकिन किस वजह से बाकी जोड़े नहीं आए, इसकी जानकारी ली जाएगी। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष मिथिलेश निरोटी, नवदंपत्तियों के परिवारजन सहित कलेक्टर जनमेजय महोबे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लोकेश कुमार चन्द्राकर, एसडीएम आरएस ठाकुर आदि मौजूद थे। आभार प्रदर्शन जिला कार्यक्रम अधिकारी हरिकीर्तन राठौर ने किया।

ऐसा होता है सरकारी शादी में, शादी के बाद दुल्हन और दूल्हा ढोते रहे सामान
बालोद. यह नजारा है जिला मुख्यालय के सरयुप्रसाद अग्रवाल स्टेडियम का जहां महिला बल विकास विभाग द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह का आयोजन किया गया। इसमें 72 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। वहीं महिला बाल विकास विभाग ने इस शादी में शामिल हुए दूल्हों को ट्रैक्टर में बैठाकर बारात निकाली। शादी समापन के बाद दुल्हन व दूल्हा खुद विभाग से मिले उपहार को गाडिय़ों में रखते दिखाई दिए।

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