एक लापरवाही 10 बच्चों की मौत, स्मार्ट शहर की दर्दनाक कहानी !

एमवायएच में लापरवाही की हद...पीडियाट्रिक सर्जरी वार्ड के तीनों वेंटिलेटर खराब, विभाग प्रबंधन को कई बार लिख चुका पत्र


लवीन ओव्हाल @ इंदौर. एमवाय अस्पताल में लापरवाही और अव्यवस्था का दर्दनाक चेहरा सामने आया है। यहां पीडियाट्रिक सर्जरी वार्ड में वेंटिलेटर खराब होने से एक महीने में ही 10 मासूमों की मौत हो चुकी है।
अस्पताल के एकमात्र पीडियाट्रिक सर्जरी वार्ड के दो वेंटिलेटर तो 11 माह से बंद पड़े हैं, वहीं बचा हुआ एक वेंटिलेटर तकनीकी समस्या से एक माह से बंद है। पीडियाट्रिक सर्जन द्वारा 3 माह में 5 पत्र लिखकर समस्या बताने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन ध्यान नहीं दे रहा। तीन दिन पहले ही एक पत्र अधीक्षक डॉ. वीएस पॉल, एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन व शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. शरद थोरा और संभागायुक्त संजय दुबे को भेजा है। जब इस बारे में डॉ. वीएस पॉल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है। कल देखकर ही बता पाऊंगा।

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पहले भी जा चुकी मासूमों की जान
इसी साल जून में एमवायएच में दो बच्चों को ऑक्सीजन की जगह बेहोश करने वाली गैस दे दी गई थी, जिससे आयुष और राजवीर नाम के बच्चों की मौत हो गई थी। नवनिर्मित मॉड्यूलर पीडियाट्रिक ओटी में लोकार्पण के बाद 24 व 25 जून को इन बच्चों के ऑपरेशन हुए थे।



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गंभीर हालत में बच्चे दम तोड़ रहे
पीडियाट्रिक सर्जरी वार्ड में तीन वेंटिलेटर हैं, जिनमें से तीनों बंद हैं। दो पिछले 11 माह से बंद हैं और एक करीब महीनेभर पहले बंद हुआ है। हम प्रबंधन को लगातार पत्र लिख रहे हैं। वेंटिलेटर नहीं होने के कारण गंभीर हालत में बच्चे दम तोड़ रहे हैं।
- डॉ. ब्रजेश लाहोटी, पीडियाट्रिक सर्जन, एमवायएच
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